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संजय दत्त के लिए सहानुभूति पैदा करने को ‘संजू’ की कहानी में बदलाव किए गए: हिरानी

फिल्मकार राजकुमार हिरानी ने कहा कि फिल्म संजू में अतिरिक्त हिस्सा जोड़ा गया ताकि लोगों में उनके प्रति फैली नफरत की भावना को कम किया जा सके.

संजय दत्त और फिल्म संजू का पोस्टर. (फोटो साभार: फेसबुक)

संजय दत्त और फिल्म संजू का पोस्टर. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुंबई: फिल्मकार राजकुमार हिरानी ने खुलासा किया है कि अभिनेता संजय दत्त पर आधारित फिल्म ‘संजू’ में अतिरिक्त हिस्सा जोड़ा गया ताकि लोगों में उनके प्रति फैली ‘नफरत’ की भावना को सहानुभूति में बदला जा सके.

हिरानी ने बताया कि शुरुआती संपादित फिल्म में अभिनेता की कहानी को जस का तस दिखाया गया था और उसे लोगों ने पसंद नहीं किया था.

उन्होंने कहा कि शूटिंग के दौरान उन्हें लगा ‘मैं क्या कर रहा हूं. मैं गलत दिशा में जा रहा हूं.’ वास्तव में जब पहला संपादन तैयार हुआ और हमने लोगों के लिए उसकी स्क्रीनिंग रखी तो उन्होंने पसंद नहीं किया. उन्होंने कहा कि वे इस व्यक्ति को पसंद नहीं करते और वे इसे नहीं देखना चाहते.

निर्देशक ने यह भी बताया कि वह चाहते थे कि सच्ची कहानी दिखाई जाए क्योंकि वह उसके (संजय) प्रति किसी तरह की सहानुभूति नहीं पैदा करना चाहते थे.

उन्होंने शुरु में उसे वैसा ही दिखाया जैसा वह है. लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वह हमारा नायक है और हमें उसके लिए कुछ सहानुभूति रखने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि अपने मुख्य चरित्र के लिए सहानुभूति बनाने को फिल्म में कुछ हिस्से जोड़े गये जो पहले इसमें नहीं थे.

उन्होंने बताया कि अदालत का फैसला आने के बाद ख़ुद की जान लेने की कोशिश करने वाला हिस्सा फिल्म में नहीं था जिसे बाद में फिल्माया गया. यह मूल पटकथा में नहीं था. उनका सोचना है कि इससे कुछ सहानुभूति मिलेगी.

उन्होंने कहा कि हर फिल्म एक यात्रा होती है. कुछ चीज़ों पर काम किया जाता है और कुछ पर नहीं. उन्हें अभी भी इस फिल्म में कमियां दिखाई देती हैं लेकिन आप अपना बेहतर देने की कोशिश करते हैं.

निर्देशक राजकुमार हिरानी ने बीते बुधवार को भारतीय फिल्म एवं टीवी निर्देशक एसोसिएशन (आईएफटीडीए) के कार्यक्रम में लेखक अंजुम राजाबली से बातचीत करते हुए ये बातें कहीं.

हिरानी ने कहा कि संजय दत्त की जिंदगी की कहानी बहुत बड़ी है. कोई भी उनकी ज़िंदगी की किसी एक घटना पर पूरी फिल्म बना सकता है. हिरानी के अनुसार, अनुराग कश्यप बेहतर संजू बना सकते हैं.

हिरानी ने कहा, ‘किसी कहानी को देखने का नज़रिया हर किसी का अलग होता है. संजय दत्त को हथियार कैसे मिला और उसके बाद के घटनाक्रम पर भी कोई एक फिल्म बना सकता है. लेकिन मुझे लगा कि इस बारे में हर कोई जानता है इसलिए पिता-पुत्र का संबंध में मुझे ज़्यादा अच्छा लगा.’

उन्होंने कहा, ‘अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फाइडे को देखकर मैं काफी प्रभावित हुआ था. अगर अनुराग इस कहानी के बारे में सुने होते तो उन्हें हथियार वाला हिस्सा पसंद आता और वह एक अच्छी फिल्म बना सकते हैं.’

हालांकि थ्री इडियट्स फिल्म के निर्देशक हिरानी ने इस बात को एक बार फिर ख़ारिज कर दिया कि उन्होंने फिल्म संजू के माध्यम से संजय दत्त की अच्छी छवि पेश की.

हिरानी ने कहा कि जहां भी मैं गया हर कहीं लोगों ने कहा कि मैंने संजय दत्त की अच्छी छवि पेश की, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया. एक पत्रकार ने मुझसे पूछा, आपने संजय की साफ-सुथरी छवि क्यों पेश की तो मैंने उनसे पूछा कि संजय दत्त का गुनाह क्या था?

हिरानी ने कहा, ‘मैं उनका (संजय दत्त) बचाव नहीं बल्कि अपना और फिल्म का कर रहा हूं. उन्होंने हथियार रखा, फिर उसे नष्ट कर दिया, पिता से झूठ बोला और गिरफ़्तार हुए. जब वे नशे की लत से गुज़र रहे थे और उस दौरान लोगों से उनका बर्ताव, मैंने ये सब दिखाया है. ऐसे में मैंने कहां, उनकी साफ छवि पेश की.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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