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हरियाणा सामूहिक बलात्कार: रेवाड़ी के एसपी हटाए गए, परिवार ने मुआवज़ा ठुकराया

बीते 12 सितंबर को हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले में 19 साल की युवती का अपहरण कर उसके साथ तीन लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था. आरोपियों में सेना का एक जवान भी शामिल है.  मामले में दो लोग गिरफ़्तार लेकिन तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर.

रेवाड़ी में हुए सामूहिक बलात्कार मामले की जांच कर रहीं नूह की एसपी नाज़नीन भसीन. (फोटो साभार: एएनआई)

रेवाड़ी में हुए सामूहिक बलात्कार मामले की जांच कर रहीं नूह की एसपी नाज़नीन भसीन. (फोटो साभार: एएनआई)

चंडीगढ़: हरियाणा के रेवाड़ी में 19 वर्षीय युवती का अपहरण करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में रविवार को पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया है.

मामले में सैन्यकर्मी सहित फ़रार तीन आरोपियों खोज जारी है. पुलिस ने कई स्थानों पर रविवार को छापे मारे.

उधर, पीड़िता के परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए ज़िला प्रशासन द्वारा शनिवार को उनको मुआवज़ा के तौर पर दिए गए दो लाख रुपये का चेक वापस करने का निर्णय लिया है.

इस बीच बढ़ते दबाव के चलते पुलिस ने उस रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) संजीव को गिरफ्तार किया जिसने सबसे पहले युवती की जांच की थी और उस ग्रामीण को भी पकड़ा जिसकी संपत्ति से वह पाई गई थी.

आरोपियों ने युवती के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तब इस मेडिकल प्रैक्टिशनर को बुलाया था.

रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पुलिस महानिदेशक बीएस संधू से रेवाड़ी से युवती के सामूहिक बलात्कार में जांच प्रक्रिया की जानकारी ली और ज़िले के पुलिस प्रमुख का स्थानांतरण कर दिया.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि खट्टर का रविवार को पंजाब के जालंधर में कार्यक्रम था लेकिन उन्होंने अपने जालंधर दौरे को छोटा कर दिया और दोपहर में चंडीगढ़ पहुंच गए.

सूत्रों ने बताया कि खट्टर ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया और अपने कार्यालय में जांच प्रक्रिया की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने संधू से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए.

उन्होंने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई में विफल रहने का आरोप झेल रहे रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश दुग्गल को हटा दिया गया है और उनका स्थान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा लेंगे. दुग्गल हिसार में हरियाणा आर्म्ड बटालियन की अगुवाई करेंगे.

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर पुलिस उचित कार्रवाई करने में विफल रही है और रेवाड़ी एवं महेंद्रगढ़ जिलों की पुलिस इकाई के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद की वजह से कार्रवाई में देरी हुई.

पुलिस ने बताया कि बीते 12 सितंबर को रेवाड़ी की रहने वाली युवती का निकटवर्ती महेंद्रगढ़ ज़िले में कनीना कस्बे के बस स्टॉप से बुधवार को अपहरण कर लिया गया जब वह कोचिंग क्लास के लिए जा रही थी.

इसके बाद उसे कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाया गया और उससे सामूहिक बलात्कार किया गया. सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल के कमरे में युवती के साथ बलात्कार किया गया.

पुलिस ने बताया कि संपत्ति के मालिक दीनदयाल सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उसने पुलिस को बताया कि हादसे के दिन तीनों प्रमुख आरोपी उससे कमरे की चाभी ले गए थे.

पुलिस का दावा है कि दीनदयाल अपराध के बारे में जानता था लेकिन उसने पुलिस को सूचित नहीं किया.

मामले की जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों में तीनों प्रमुख आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जगहों पर छापे मारी की जा रही है.

उन्होंने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और उम्मीद है कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ जाएंगे.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले के संबंध में पूछताछ के लिए कुछ लोगों को पकड़ा गया है.

युवती के परिजन ने रेवाड़ी में रविवार को संवाददाताओं से कहा कि उसको ‘गहरा आघात’ पहुंचा है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए.

पीड़िता की मां ने अपने गांव में पत्रकारों से कहा, ‘आरोपियों को फांसी पर लटका देना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि परिवार ने जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को उनको दिए गए 2 लाख रुपये का चेक वापस करने का निर्णय लिया है.

उन्होंने कहा, ‘हमें इस चेक की ज़रूरत नहीं है. क्या यह कीमत उनकी बेटी की इज़्ज़त के लिए रखी जा रही है? हमें बस न्याय चाहिए. हमने कानून के लंबे हाथों के बारे में सुना है लेकिन पुलिस क्या कर रही है? आरोपियों को अभी तक पकड़ा नहीं गया है.’

पुलिस ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है.

रेवाड़ी के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि पीड़ित की हालत स्थिर है, यद्यपि वह सदमे में है.

हरियाणा पुलिस ने नूह की पुलिस अधीक्षक नाज़नीन भसीन की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है.

एपी नाज़नीन भसीन ने बताया, ‘जिस ट्यूबवेल से युवती मिली दीनदयाल उसका मालिक था. वह जानता था कि उसके ट्यूबवेल की चाभी किस लिए मांगी जा रही है. फॉरेंसिक जांच में यह साबित होता है कि आरोपी नीशु ने उससे संपर्क कर बताया था कि उन्हें एक कमरा चाहिए. यह सुनियोजित घटना थी.’

एपी नाज़नीन ने गिरफ्तार मेडिकल प्रैक्टिशनल डॉक्टर संजीव के बारे में कहा, ‘अपराध में डॉक्टर संजीव की संलिप्तता साबित होती है क्योंकि उसे पता था कि युवती को तीनों आरोपी अपहरण करके लाए हैं और वह होश में नहीं है. उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि उसके साथ क्या हो रहा है. डॉ. संजीव इस योजना की आख़िर तक हिस्सा था इसके बावजूद उसने अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी.’

उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी नीशु है, जिसने इस योजना को बनाया और इसकी जानकारी मेडिकल प्रैक्टिशनर को दी.

पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के नाम और फोटोग्राफ जारी किए थे. उनकी पहचान सेना के जवान पंकज, मनीष तथा नीशू के रूप में की गई है. ये सभी कनीना गांव के रहने वाले हैं.

पुलिस ने कहा कि आरोपी रेवाड़ी के उसी गांव में रहते थे जहां पीड़िता रहती थी और वे युवती और उसके परिवार को जानते थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में सेकेंड ईयर की पीड़ित छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया था, ‘जब मैं सड़क पार कर रही थी तो गांव के दो लड़के मुझे मिले. उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्या कर रही हूं. मैंने उन्हें बताया कि मैं कोचिंग क्लास के लिए जा रही हूं. उन्होंने मुझे पीने के लिए पानी दिया. पानी पीने के बाद मैं होश खोने लगी.’

पीड़िता ने बताया, ‘वे मुझे एक कार में ले गया और जब मुझे होश आया तो वहां एक और लड़का था. मैं रोने लगी. उन तीनों ने मुझे फिर से कोई नशीला पदार्थ पिलाया. जिसे पीने के बाद मैं फिर होश में नहीं रही और उन तीनों ने मेरे साथ बलात्कार किया. फिर 4:53 बजे पास के एक बस स्टॉप पर मुझे छोड़ दिया. आरोपियों ने मेरे पिता और मां को इसकी जानकारी दे दी. जिसके बाद मेरा भाई बस स्टॉप से मुझे घर लाया.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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