भारत

सेक्स सीडी मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल गिरफ़्तार

सीबीआई अदालत ने भूपेश बघेल को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया. बघेल ने ज़मानत लेने से किया इनकार. 27 अक्टूबर 2017 को छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री राजेश मूणत की एक कथित सेक्स सीडी वायरल हुई थी, जिसमें पत्रकार विनोद वर्मा को भी गिरफ़्तार किया गया था.

सोमवार को सीबीआई अदालत के बाहर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCChhattisgarh)

सोमवार को सीबीआई अदालत के बाहर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCChhattisgarh)

छत्तीसगढ़ में पिछले साल हुए सेक्स सीडी कांड की सुनवाई करते हुए सोमवार को सीबीआई अदालत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है. दूसरी ओर जेल भेजे जाने के बाद भूपेश ने ज़मानत लेने से इनकार कर दिया है.

मामला राज्य सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत की फ़र्ज़ी सेक्स सीडी वायरल करने से जुड़ा है.

गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2017 को राजेश मूणत की कथित सेक्स सीडी वायरल हुई थी. जिसमें पत्रकार विनोद वर्मा की भी गिरफ़्तारी हुई थी.

बाद में मामला छत्तीसगढ़ पुलिस से सीबीआई के हवाले कर दिया गया था. उसी मामले में भूपेश बघेल को भी कथित फ़र्ज़ी सीडी को फैलाने के आरोपों के तहत धारा 459, 469, 471, 67 (ए) और 120 (बी) के तहत आरोपी बनाया गया था.

मामले की सुनवाई सीबीआई की अदालत में चल रही थी. इस संबंध में भूपेश बघेल से सीबीआई ने कुछ समय पहले पूछताछ भी की थी.

भूपेश बघेल ने अपने एक ट्वीट कर कहा है, ‘अगर गरीब किसान, मज़दूर, आदिवासी, बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ उठाना अपराध है तो हां! मैं अपराधी हूं. जो करना है कर लो. न तो मैं जेल जाने से डरता हूं और न ही तुम्हारे ब्रह्मास्त्र से. जब तक मैं इस दमन सरकार को उखाड़ नहीं देता, चैन से नहीं बैठने वाला.’

वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने एक ट्वीट में भूपेश बघेल के हवाले से लिखा है, ‘मामला राजनीतिक है, विपक्ष में होने के नाते दबाने की कोशिश हो रही है. सरकार जेल भेजना चाहती है तो भेजे. न वकील करूंगा, न ज़मानत अर्ज़ी दूंगा.’

बहरहाल, मामले में जांच के दायरे में आए रिंकू खनूजा नाम के एक व्यक्ति की तकरीबन तीन महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो गई थी, जिससे सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे.

रिंकू के परिजनों और कांग्रेस ने उनकी मौत को आत्महत्या न मानकर सुनियोजित ढंग से की गई हत्या करार दिया था. परिजनों सीबीआई पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया था.

बहरहाल रविवार सुबह अचानक सीबीआई की टीम रायपुर पहुंची थी और पत्रकार विनोद वर्मा से पूछताछ भी की थी.

कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश नितिन तिवारी का कहना है कि पूरा घटनाक्रम केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के इशारे पर हुआ है और कार्रवाई को बदले की भावना से अंजाम दिया गया है क्योंकि कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जांजगीर सभा में उन्हें काले झंडे दिखाए थे.

वे कहते हैं, ‘तीन दिन पहले बिलासपुर में भाजपा के लोगों ने कांग्रेस भवन में घुसकर कांग्रेस के नेताओं पर लाठियों से प्रहार किया था. इसके ख़िलाफ़ रविवार को हमने प्रधानमंत्री मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें काले झंडे दिखाए थे.’

वे बताते हैं, ‘इसी की प्रतिक्रिया में मोदी ने दिल्ली पहुंचते ही बदले की कार्रवाई की है. क्योंकि उसी दिन रातोंरात सीबीआई की पूरी टीम जहाज भरकर भेजी गई और रविवार शाम को अचानक से भूपेश बघेल को सीबीआई अदालत में प्रस्तुत होने का समन मिल गया.’

सीबीआई द्वारा अदालत में पेश किए चालान के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तिवारी कहते हैं, ‘भूपेश बघेल को सोमवार सुबह 11 बजे पेश होने के लिए कहा गया था. सीबीआई ने आधा-अधूरा चालान बनाकर अदालत में पेश कर दिया जिसे जज साहब ने 12 बजे सीबीआई को वापस लौटा दिया. उसके बाद तीन बजे फिर सीबीआई ने कई गवाहों के बयान चालान में से हटाकर फिर से एक आधा अधूरा चालान जमा किया.’

आठ अक्टूबर तक हिरासत में भेजे गए भूपेश बघेल ने फिलहाल ज़मानत लेने से इनकार कर दिया है.

जैसा कि कांग्रेस नेताओं ने बताया कि भूपेश बघेल ने कहा है कि मैं निर्दोष हूं और मेरा न्याय जनता करेगी. इसलिए उन्होंने ज़मानत के लिए आवेदन नहीं दिया है.

गौरतलब है कि कांग्रेस सोमवार से जंगल सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत करने वाली थी. भूपेश बघेल उसी संबंध में जगदलपुर जा रहे थे. अचानक समन मिलने पर वे वापस लौटे आए.

शैलेश कहते हैं कि भूपेश तो वापस आ गए अपनी यात्रा से लेकिन सीबीआई अपना चालान भी तैयार नहीं कर पाई थी और जो पहला चालान 11 बजे पेश किया था उसमें गवाहों की फोटो और सूची तक पूरी नहीं थी.

इस बीच कांग्रेस ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के ख़िलाफ़ राज्यस्तरीय जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है और भाजपा पर आरोप लगाया है कि रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह विदेशों में फ़र्ज़ी खाते खोल रहे हैं लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होती और कांग्रेस के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है.

Comments