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मुस्लिम से दोस्ती पर मेरठ पुलिस द्वारा युवती का उत्पीड़न और पिटाई, चार पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवती अपने मुस्लिम दोस्त से मिलने उसके घर गई थी. आरोप है कि इस दौरान विहिप के लोगों ने ‘लव जिहाद’ के नाम पर हमला कर दिया था और फिर पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद एक वीडियो में पुलिस युवती की साथ बदतमीज़ी और मारपीट करती नज़र आती है.

(फोटो: ट्विटर)

(फोटो: ट्विटर)

मेरठ: सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक लड़की को पुलिस कॉन्स्टेबल पीटते हुए नज़र आ रहे हैं. यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर का है.

वीडियो में एक पुलिसकर्मी युवती से पूछता है कि यहां किसके घर में रह रही है, तो लड़की जवाब देती है कि यहां किसी के घर पर नहीं रह रही हूं, यहां आई थी. इसके बाद वहीं पुलिसकर्मी पूछता है, ‘तो मुल्ला ज़्यादा पसंद आ रहा है.’ इस पर युवती जवाब देती है कि ऐसा नहीं है. इसके बाद युवती के बगल में बैठी महिला पुलिसकर्मी उसे पीटना शुरू कर देती है. इसके आगे वहीं पुलिसकर्मी उससे आपत्तिजनक भाषा में बात कहता है. फिर पुलिसकर्मी उससे पूछते हैं कि तुझे शर्म नहीं आ रही है.

दरअसल ये पुलिसकर्मी बीते 23 सितंबर को उस लड़की को कथित तौर पर विश्व हिंदू परिषद की एक भीड़ से बचाया था. आरोप है कि वह अपने एक मुस्लिम दोस्त के साथ थी जब विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने हमला कर दिया था.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार, वीडियो के संज्ञान में आने के बाद उसमें नज़र आ रहे चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. 29 सेकंड के वीडियो में दो पुलिसकर्मी गाड़ी की अगली सीट पर हैं और दो पीछे, जिसमें से एक महिला पुलिसकर्मी है. महिला पुलिसकर्मी ही लड़की को पीटते नज़र आ रही है.

वीडियो में एक पुलिसकर्मी कहता है, ‘तू मुसलमानों को पसंद करती हैं, जब चारों ओर इतने सारे हिंदू हैं.’ इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल लड़की को पीटना शुरू कर देती है और उसके चेहरे को ढंकने के लिए उपयोग की जाने वाली स्कार्फ को हटा देती है.

बीते 23 सितंबर को मेरठ में युवती अपने एक मुस्लिम दोस्त के घर गई थी. दोनों मेडिकल छात्र हैं. आरोप है कि इस दौरान विहिप कार्यकर्ताओं की एक भीड़ लड़के के घर में जबरन घुस गई और दोनों के साथ हाथापाई की, उसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया. हमला करने वाली भीड़ ने इस मामले को ‘लव जिहाद’ का नाम दिया.

मेरठ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुमार रणविजय सिंह ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, ‘वे दोनों क्या कर रहे थे, इसमें पुलिस दखल नहीं दे सकती, इसलिए मामले में शामिल चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद भी युवक-युवती का उत्पीड़न नहीं रुका. हिंदूवादी संगठन के लोगों ने दोनों को घेर लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा.

मामले में अभी तक कोई भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है. रणविजय सिंह ने कहा है कि उन्हें युवक-युवती की ओर से लिखित शिकायत का इंतज़ार है.

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