राजनीति

पंजाब में अफीम की खेती और सेवन को वैध करने के समर्थन में उतरे नवजोत सिंह सिद्धू

अफीम की खेती, बिक्री और सेवन को क़ानूनी रूप से वैध करने की आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद धर्मवीर गांधी की मांग का समर्थन करते हुए पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इसे मादक पदार्थ हेरोइन से कई गुना बेहतर बताया है.

**FILE PHOTO** New Delhi: In this file photo dated Wednesday, May 02, 2018, Punjab Minister for Tourism & Cultural Affairs Navjot Singh Sidhu is seen at a press conference in Amritsar. The Supreme Court on Tuesday convicted Sidhu for voluntarily causing hurt to a 65-year-old man in a road rage incident in 1988, but spared him a jail term in the case. PTI Photo (PTI5_15_2018_000035B)

नवजोत सिंह सिद्धू ,(फोटो: पीटीआई)

लुधियाना: पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बीते रविवार को आम आदमी पार्टी के पटियाला से निलंबित सांसद धर्मवीर गांधी द्वारा अफीम, उससे बने सामानों की खेती, बिक्री और सेवन को वैध करने की बात का समर्थन किया.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक लुधियाना में हुए एक कार्यक्रम के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘धर्मवीर गांधी अच्छा काम कर रहे हैं और मैं उनका समर्थन करता हूं.’

सिद्धू का बयान यह उस समय आया है जब पंजाब में नशे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. पंजाब में ड्रग्स पर लगाम के लिए सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए डोप टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धू ने कहा, ‘मेरे चाचा अस्पताल से दवा के रूप में अफीम लिया करते थे. यह चिट्टा (हेरोइन) से कई गुना बेहतर है जिसे राज्य में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया प्रचलित किया और जिसकी वजह से अभिभावकों को अपने बच्चों का शव देखना पड़ रहा है.’

अफीम संबंधी सिद्धू के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘इस बात से खुश हूं कि नशीले पदार्थों, खासतौर पर अफीम के संबंध में, यह मुद्दा एक बार फिर उठा है. अपने पिछले कार्यकालों में मैं यह मुद्दा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के समक्ष उठा चुका हूं. मैं कह चुका हूं कि भारत के पास एक ड्रग पॉलिसी होनी चाहिए. आपके पास ऐसे मादक पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कठोर नीति होनी चाहिए. उम्मीद करता हूं कि इसे गंभीरता से देखा जाएगा और सभी के हित में इसका समाधान किया जाएगा.’

बीते 29 सितंबर को मुक्तसर के अनाज मार्केट में एक रैली के दौरान आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद धर्मवीर गांधी ने अफीम उगाने की वकालत की थी. इस साल जुलाई में इस संबंध में धर्मवीर गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ को एक ज्ञापन भी सौंपा था.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धू ने शिरोमणि अकाली दल के पूर्व नेता सुखदेव सिंह ढीनसा, जिन्होंने बीते 29 सितंबर को पार्टी से इस्तीफा दे दिया, का संदर्भ देते हुए कहा, ‘ढीनसा का इस्तीफा इस बात का नतीजा है कि बादल और पूर्ववर्ती सरकार के ख़िलाफ़ लोगो में आक्रोश है.’ बता दें ढीनसा ने भी अफीम की खेती का समर्थन किया था.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की तुलना धृतराष्ट्र से करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जिस तरह से धृतराष्ट्र को सिर्फ अपना पुत्र दुर्योधन ही नज़र आता था वैसे ही बादल को सिर्फ अपना बेटा सुखबीर बादल ही नज़र आता है.

उन्होंने कहा, ‘मजीठिया और बादल ने पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचाया है. जब बादल और मजीजिठा शिरोमणि अकाली दल चलाएंगे, तब तक कांग्रेस को फायदा मिलेगा क्योंकि लोगों ने उनका असली चेहरा देखा हुआ है.’

डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने से जुड़े एक सवाल पर सिद्धू ने कहा, ‘केंद्र सरकार तब भी ईंधन के दामों को कम नहीं कर रही है जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें कम हैं. अगर इन्हें जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो इनके दाम 45 रुपये प्रति लीटर के आसपास हो जाएंगे.’

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