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18 साल पहले हुई पत्नी की हत्या के मामले में पूर्व टीवी एंकर सुहैब इलियासी बरी

11 जनवरी 2000 को सुहैब इलियासी की पत्नी अंजू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. अंजू की मां और बहन ने हत्या होने का आरोप लगाया था.

सुहैब इलियासी. (फोटो साभार: फेसबुक)

सुहैब इलियासी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व टीवी एंकर और निर्माता सुहैब इलियासी को उनकी पत्नी की हत्या के मामले में बरी कर दिया.

जस्टिस एस. मुरलीधर और विनोद गोयल की पीठ ने इलियासी की अपील को मंज़ूर कर लिया. इलियासी ने पत्नी अंजू की 18 साल पहले हुई हत्या के मामले में अपनी दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सज़ा को चुनौती दी थी.

पीठ ने कहा, ‘अपील मंजूर की जाती है.’

फैसला सुनाए जाने के समय मौजूद इलियासी की बेटी आलिया ने खुशी ज़ाहिर की और कहा कि उन्हें हमेशा अपने पिता पर भरोसा था.

उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं. मैं अभी ज़्यादा बोलने की स्थिति में नहीं हूं. इन सब के दौरान हम सब इस बारे में चुप थे क्योंकि फैसला नहीं आया था. हमें काफी कुछ भुगतना पड़ा लेकिन मुझे अपने पिता पर पूर्ण विश्वास था और मैंने हमेशा उन पर भरोसा किया.’

एक निचली अदालत ने 20 दिसंबर 2017 को इलियासी को अपनी पत्नी की हत्या करने के लिये आजीवन करावास की सज़ा सुनाई थी और कहा था कि उन्होंने ‘हत्या की और इसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की.’

इलियासी अपराध पर आधारित कार्यक्रम ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ से सुर्ख़ियों में आए थे. उच्च न्यायालय ने इलियासी को 26 अप्रैल को अंतरिम ज़मानत दी थी लेकिन 14 मई को राहत को बढ़ाने से मना कर दिया था.

इसके बाद वह उच्चतम न्यायालय गए थे. उच्चतम न्यायालय ने भी उन्हें अंतरिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया था.

इलियासी ने अपने वकील राजीव मोहन के ज़रिये दायर अपील में दावा किया कि घटना के बाद पुलिस ने तीन महीने में कोई भी सामग्री एकत्र नहीं की और हत्या के अपराध के लिए उनपर आरोप लगाने के लिए कोई सबूत नहीं था.

पुलिस ने दावा किया था कि इलियासी ने जांच एजेंसी को गुमराह किया था जिससे अपराध में उसकी संलिप्तता साबित होती है.

अदालत ने इलियासी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था और मुआवज़ा के तौर पर अंजू के माता-पिता को 10 लाख रुपये देने को कहा था.

पूर्व में इलियासी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी (दहेज हत्या) सहित हल्के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गये थे.

हालांकि, अंजू की मां रुकमा सिंह और बहन रश्मि सिंह ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख़ किया जिसने अगस्त 2014 में आदेश दिया कि पूर्व टीवी निर्माता के ख़िलाफ़ हत्या के अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुक़दमा चलाया जाए.

टीवी शो ‘इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड’ के होस्ट सुहैब इलियासी की पत्नी अंजू को 11 जनवरी 2000 को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था. उसके शरीर पर चाकू से बने घाव के निशान थे. अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया था.

इलियासी को 28 मार्च 2000 को गिरफ़्तार किया गया था. बहन और मां द्वारा इलियासी पर दहेज की ख़ातिर अंजू को प्रताड़ित करने का आरोप लगाए जाने के बाद उनके ख़िलाफ़ मामले में आरोप तय किए गए थे.

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