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सबरीमाला मंदिर: पुजारी ने कहा- महिलाएं यहां आकर समस्या न खड़ी करें

भगवान अयप्पा का दर्शन करने गईं दो महिलाओं को वापस लौटना पड़ा है. एक महिला पत्रकार और एक अन्य महिला ने भारी विरोध के चलते वापस लौटने का फैसला किया है.

सबरीमाला मंदिर (फोटो साभार: facebook.com/sabrimalaofficial)

सबरीमाला मंदिर (फोटो साभार: facebook.com/sabrimalaofficial)

केरल: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश को लेकर विवाद जारी है. भगवान अयप्पा के दर्शन करने पहुंचीं महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका जा रहा है और अब तक किसी भी महिला को प्रवेश नहीं करने दिया गया.

वहीं सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा का दर्शन करने गई दोनों महिलाओं को वापस लौटना पड़ा है. एक महिला पत्रकार और एक अन्य महिला ने भारी विरोध को देखते हुए वापस लौटने का फैसला किया है.

सबरीमाला के मुख्य पुजारी कंदारू राजीवारू ने गुरुवार को इन खबरों को खारिज कर दिया कि पूजा अर्चना के लिए एक विशेष आयु वर्ग की महिलाओं के भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश करने पर इस मंदिर को तंत्री परिवार द्वारा बंद कर देने की योजना है.

राजीवारू ने सोशल मीडिया पर इस बारे में कुछ खबरों को व्यापक रूप से साझा किए जाने के बाद मंदिर परिसर, सन्निधानम में यह कहा. हालांकि, मुख्य पुजारी ने 10 से 50 आयुवर्ग की महिलाओं से सन्निधानम नहीं आने और समस्या नहीं पैदा करने की अपील की.

गौरतलब है कि इस आयुवर्ग में रजस्वला की स्थिति को लेकर 10 – 50 वर्ष की उम्र वाली महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘मासिक पूजा एवं अनुष्ठान करना हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी है. हम परंपरा नहीं तोड़ेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘हम उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं. लेकिन, श्रद्धालुओं की भावनाओं और मंदिर की परंपरा एवं रीति रिवाज पर विचार करते हुए मैं आपसे (युवतियों से) सबरीमला नहीं आने का विनम्र अनुरोध करता हूं.’

राजीवारू ने हर किसी से यह अनुरोध किया कि वे मंदिर परिसर को रणक्षेत्र में तब्दील नहीं करें. इस बीच, पलक्कड़ जिले के वीएन वासुदेवन नंबूदरी को सबरीमला भगवान अयप्पा मंदिर का अगले एक साल के लिए नया मुख्य पुजारी चुना गया है.

वह फिलहाल बेंगलुरु में अयप्पा मंदिर में पुजारी के तौर पर सेवा दे रहे हैं. चेंगन्नूर के रहने वाले एमएन नारायणन नंबूदरी मलिकाप्पुरम मंदिर के नये पुजारी होंगे. दोनों पुजारी 17 नवंबर से अपना कामकाज संभालेंगे.

हालांकि इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंदिर में प्रवेश से श्रद्धालुओं को रोकने की कोशिश करने वालों को कड़ी चेतावनी दी थी.

उन्होंने कहा था, ‘हम सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. मेरी सरकार सबरीमाला के नाम पर कोई हिंसा नहीं होने देगी. श्रद्धालुओं को सबरीमाला जाने से रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

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