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एमजे अकबर पर अमेरिकी पत्रकार ने लगाया बलात्कार का आरोप

#मीटू: ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ अख़बार में लिखे अपने एक लेख में पल्लवी गोगोई ने एमजे अकबर द्वारा किए गए यौन शोषण की आपबीती साझा की. अकबर ने आरोपों को नकारा है, पत्नी ने भी किया बचाव.

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो: पीआईबी)

पूर्व संपादक और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर (फोटो: पीआईबी)

वॉशिंगटन: मीटू मुहिम की तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देने वाले एमजे अकबर पर एक अमेरिकी पत्रकार बलात्कार का आरोप लगाया है.

अमेरिका के एक प्रमुख मीडिया हाउस की संपादक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर 23 साल पहले भारत में अपने साथ बलात्कार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘प्रतिभाशाली पत्रकार’ ने एक अखबार का प्रधान संपादक होने के नाते अपने पद का इस्तेमाल कर उनका यौन शोषण किया.

अकबर के खिलाफ कई महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. इसके बाद 67 वर्षीय अकबर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल से अक्टूबर में इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने भारत में ‘मी टू’ अभियान के जोर पकड़ने के बीच अपने खिलाफ आरोप लगाने वाली महिलाओं में से एक पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है.

अकबर के वकील संदीप कपूर ने कहा, ‘मेरे मुवक्किल इन आरोपों को झूठा बताते हैं और स्पष्ट रूप से इससे इनकार करते हैं.’ वहीं एमजे अकबर ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कि महिला पत्रकार के साथ उनकी सहमति के साथ संबंध बनाए गए थे. अकबर की पत्नी ने भी इन आरोपों को लेकर उनका बचाव किया है.

फिलहाल वाशिंगटन स्थित अमेरिकी मीडिया संगठन नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की बिजनेस डेस्क की मुख्य संपादक पल्लवी गोगोई ने अकबर के खिलाफ बलात्कार के आरोप लगाए हैं.

भारत में ‘मीटू’ मुहिम के तहत कई महिलाओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद पिछले दिनों अकबर (67) को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
अकबर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक महिला पत्रकार के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का केस भी किया है.

गोगोई का आरोप है कि भारत में अकबर के मातहत काम करने के दौरान उन्होंने उनके साथ बलात्कार किया. इस बीच, पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री अकबर ने दावा किया कि गोगोई से कई महीने तक रहे उनके संबंध सहमति से बनाए गए थे और शायद इसका अंत अच्छा नहीं हुआ.

गोगोई ने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ में एक लेख में अपनी जिंदगी के ‘सबसे कष्टकारी क्षणों’ के बारे में विस्तार से लिखा है.

उन्होंने कहा कि घटना के समय ‘एशियन एज’ अखबार के प्रधान संपादक रहे अकबर एक ‘दिग्गज पत्रकार’ थे, लेकिन उन्होंने ‘अपने पद का इस्तेमाल शिकार के लिए किया.’

गोगोई ने कहा, ‘मैं जो साझा करने वाली हूं वह मेरी ज़िंदगी की सबसे दर्दनाक याद है. मैंने 23 साल तक इन्हें दबाकर रखा.’ उन्होंने आलेख में बताया है कि ‘एशियन एज’ अख़बार में काम करने के दौरान अकबर ने सालों तक कैसे उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया.

उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताया कि कैसे अकबर ने नई दिल्ली से मुंबई-जयपुर-लंदन तक एशियन एज में काम करते हुए वर्षों तक उनका शारीरिक तथा मानसिक शोषण किया.

गोगोई ने बताया कि जब उन्होंने एशियन एज में काम करना शुरू किया तब उनकी उम्र 22 साल थी. वह अकबर के व्यक्तित्व से प्रभावित थीं. उनकी भाषा, मुहावरों का इस्तेमाल करने के उनके तरीके से प्रभावित थीं और इसलिए उन्होंने सभी अपशब्द सहे.

उन्होंने कहा कि वह 23 साल की उम्र में आॅप-एड पन्ने की संपादक बन गईं जो इतनी कम उम्र में एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी थी.

पत्रकार ने आरोप लगाया, ‘लेकिन मुझे अपनी पसंदीदा नौकरी के लिए जल्द ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. यह 1994 की गर्मियों का वक़्त रहा होगा और मैं उनके ऑफिस में गई. उनका दरवाज़ा अक्सर बंद रहता था. मैं उन्हें आॅप-एड पन्ना दिखाने गई जो मैंने बनाया था. उन्होंने मेरी कोशिश की सराहना की और अचानक मुझे चूमने के लिए झपट पड़े. मैं लड़खड़ा गई. मैं ऑफिस से बाहर निकल आई. मेरा चेहरा लाल था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. मैं शर्मिंदा और बहुत टूटा हुआ महसूस कर रही थी.’

उन्होंने दावा किया कि इसके कुछ महीने बाद दूसरी घटना हुई जब उन्हें एक मैगजीन शुरू करने में मदद के लिए मुंबई बुलाया गया.

गोगोई ने लिखा है, ‘उन्होंने लेआउट देखने के लिए एक बार फिर मुझे ताज होटल के अपने कमरे में बुलाया. जब वह दोबारा मुझे चूमने के लिए मेरे करीब आए तो मैंने उन्हें पीछे धकेल दिया. जैसे ही मैं भागी उन्होंने मेरे चेहरे को खरोंच दिया, मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे. उस शाम मैंने अपनी एक दोस्त को बताया कि मैं होटल में गिर गई थी जिससे मुझे खरोंचें आई.’

उन्होंने बताया कि जब वह दिल्ली वापस आईं तो अकबर ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने दोबारा रोका तो वह नौकरी से निकाल देंगे. हालांकि, गोगोई ने अख़बार नहीं छोड़ा.

गोगोई ने दावा किया कि एक ख़बर के सिलसिले में वह जयपुर गई. जब वह वापस आने लगीं तो अकबर ने कहा कि वह जयपुर में उनके होटल में अपनी ख़बर पर चर्चा करने के लिए आ सकती हैं.

उन्होंने बताया, ‘उनके होटल के कमरे में मैंने विरोध किया लेकिन वह शारीरिक रूप से अधिक शक्तिशाली थे. उन्होंने मेरे कपड़े फाड़ दिए और मेरा बलात्कार किया.’

गोगोई ने लिखा कि पुलिस में शिकायत करने की बजाय वह शर्म महसूस कर रही थीं.

उन्होंने कहा, ‘मैंने तब इसके बारे में किसी को नहीं बताया. क्या कोई मुझ पर यकीन करता? मैंने अपने आप को ज़िम्मेदार ठहराया.’

गोगोई ने दावा किया कि इसके बाद उन पर अकबर की पकड़ मज़बूत होती गई. कुछ महीने तक वह उनका शारीरिक और भावनात्मक शोषण करते रहे और उनसे अभद्र भाषा में बात करते रहे. जब वह उन्हें किसी पुरुष सहकर्मी से बात करते हुए देखते तो न्यूज़रूम में उस पर चिल्ला पड़ते. यह सब भयानक था.

उन्होंने कहा, ‘मैं आज बता नहीं सकती कि कैसे और क्यों मेरे ऊपर उन्होंने ताकत आजमाई, क्यों मैंने सहा. इसलिए कि मुझे अपनी नौकरी खोने का डर था? मुझे बस इतना पता है कि उस समय मैं अपने आप से नफ़रत करती थी और मैं हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा मर रही थी.’

गोगोई ने बताया कि उन्हें ऐसे ही असाइनमेंट मिलते रहे जिनमें उन्हें दूर जाना पड़ता था. उन्होंने 1994 के चुनावों की कवरेज को याद करते हुए लिखा कि अकबर ने उनसे कहा कि उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें अमेरिका या ब्रिटेन भेजा जाएगा.

महिला पत्रकार ने कहा, ‘मुझे लगा आख़िरकार मेरा शोषण रुक जाएगा क्योंकि मैं दिल्ली ऑफिस से बहुत दूर रहूंगी. बल्कि सच यह था कि वह मुझे दूर इसलिए भेज रहे थे ताकि मैं कोई विरोध ना कर सकूं और वह जब भी शहर में आएं तो मेरा यौन शोषण कर सकें.’

उन्होंने आरोप लगाया कि एक बार अकबर ने लंदन ऑफिस में उनके साथ काम किया. वहां जब उन्होंने एक पुरुष सहकर्मी से उसे बात करते हुए देखा तो उन्हें मारा और अपने डेस्क से उठाकर चीज़ें उन पर फेंकी. कैंची या जो भी उनके हाथ में आया वह उन पर देकर मारा. वह भाग गईं और हाइड पार्क में छिप गईं.

अकबर ने उन्हें वापस मुंबई बुलाया जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और न्यूयॉर्क में डाउ जोन्स में नौकरी शुरू की.

उन्होंने कहा, ‘आज मैं अमेरिकी नागरिक हूं. मैं एक पत्नी और मां हूं. मैंने टुकड़ों-टुकड़ों में अपनी ज़िंदगी समेटी. मेरी अपनी मेहतन, लगन और प्रतिभा मुझे बिज़नेस वीक, यूएसए टुडे, एसोसिएटेड प्रेस और सीएनएन लेकर गई. आज, मैं नेशनल पब्लिक रेडियो में लीडर हूं. मैं जानती हूं कि मुझे नौकरी पाने और सफल होने के लिए शोषण नहीं सहना है.’

गोगोई ने कहा, ‘इतने वर्षों में, मैंने अकबर के बारे में बात नहीं की. मुझे हमेशा लगा कि अकबर क़ानून से ऊपर हैं और उन पर कानून लागू नहीं होता. मुझे लगा कि उन्होंने जो मेरे साथ किया उसे उसकी कीमत कभी नहीं चुकानी पड़ेगी.’

उन्होंने कहा कि अकबर ने इन आरोपों को निराधार और झूठा बताया है और उनके ख़िलाफ़ बोलने वाली एक पत्रकार पर मुक़दमा दायर किया है.

गोगोई ने कहा, ‘मुझे इससे हैरानी नहीं होती. वह सोचते हैं कि उन्हें आज ‘सच’ की अपनी कहानी सुनाने का अधिकार है, जैसे उन्हें उस समय लगता कि उनका हमारे शरीर पर अधिकार है.’

अकबर ने पल्लवी गोगोई द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को नकारा, पत्नी ने किया बचाव

पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने अमेरिका में रह रहीं पत्रकार पल्लवी गोगोई द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को शुक्रवार को नकारते हुए दावा किया कि कई महीनों तक उनके बीच आपसी सहमति से संबंध रहा था, लेकिन ‘शायद यह सही मोड़ पर खत्म नहीं हुआ.’

मीटू अभियान के तहत आरोपों के बाद हाल में विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अकबर ने एक बयान में कहा, ‘1994 में कभी सुश्री पल्लवी गोगोई और मेरे बीच सहमति से संबंध रहे जो कि कुछ महीनों तक चले था.’

एक अलग बयान में उनकी पत्नी मल्लिका अकबर ने भी शुक्रवार को ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के एक आलेख में लगाए गए गोगोई के आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘झूठ’ बताया.

मल्लिका अकबर ने कहा, ‘(गोगोई के साथ) इस संबंध पर चर्चा हुई और बाद में इसे लेकर मेरे घर में भी कलह हुई. आपसी सहमति का यह संबंध खत्म हो गया, लेकिन शायद अच्छे मोड़ पर नहीं.’ अपने बयान में मल्लिका ने कहा, ‘20 साल से पहले पल्लवी गोगोई के कारण हमारे घर में नाराजगी और कलह की स्थिति थी. मुझे देर रात की फोन कॉल से उसके बारे में और मेरे पति की सहभागिता और मेरी मौजूदगी में उसके प्रति लगाव का पता चला.’

उन्होंने कहा, ‘झूठ कहने के लिए मैं पल्लवी की वजह नहीं जानती लेकिन यह झूठ है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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