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गुजरात: 25 महिला होम गार्ड्स ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

#मीटू: सूरत में महिला होम गार्ड्स ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर जबरन यौन संबंध बनाने और घरेलू काम करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है.

सूरत में यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ महिला होम गार्ड्स ने शिकायत की. (फोटो: राजा चौधरी)

सूरत में यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ महिला होम गार्ड्स ने शिकायत की. (फोटो: राजा चौधरी)

सूरत: बीते कई हफ्तों से विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं #मीटू मुहिम के तहत अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के अनुभव साझा कर रही हैं. इस कड़ी में अब गुजरात पुलिस का नाम भी जुड़ गया है. सूरत में होम गार्ड विभाग की 25 महिला होम गार्ड्स ने पुलिस कमीशनर को एक लिखित शिकायत देकर स्टेशन अफसर और एक महिला अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. महिलाओं ने अपने साथ शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक उत्पीड़न की शिकायत की है.

शिकायत के अनुसार, विभाग में बहुत सी महिलाओं का उनके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बीते पांच साल से लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था. एक शिकायतकर्ता धोडू शिंदे ने द वायर को बताया, ‘हममें से कुछ होम गार्ड्स पर अधिकारियों के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया जाता था और हममें से कइयों को स्टेशन अफसर सोमनाथ गहरवाल के घर पर घरेलू काम करने को भी मजबूर किया जाता था, मैं उनमें से एक हूं.’

एक अन्य होम गार्ड मंगला नारायण पांडे ने बताया कि उनकी सीनियर अधिकारी भावना बेन उनसे कहती हैं कि यदि वे लोग स्टेशन अफसर सोमनाथ गहरवाल को ख़ुश रख पाईं तो उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी.

यह भी बात सामने आयी कि इन महिला होमगार्डों की प्रभारी कांथरिया उनसे पैसों की मांग करती हैं और यदि वे पैसे देने में नाकाम रहतीं तो उनसे कहा जाता है कि उनकी नौकरी में अब ज़रूरत नहीं है.

अंजना नाईक ने बताया, ‘मुझे घरेलू काम करने की धमकी दी जाती थी नहीं तो नौकरी से निकालने की बात कही जाती थी. भावना मुझसे एसओ सोमनाथ के साथ समय बिताने के लिए कहती थीं.’ अंजना ने सोमनाथ द्वारा महिला होम गार्ड्स को ग़लत तरीके से छूने की भी बात कही है.

नाईक बताती हैं, ‘महिला होम गार्डस के संबंध में जब एसओ सोमनाथ को कोई शिकायत मिलती थी तो उन्हें परेड ग्राउंड में बुलाया जाता था. जांच के दौरान सोमनाथ महिला होम गार्ड्स के बेल्ट, टोपी और यूनिफॉर्म छूने के बहाने उनके अंगों को छूने की कोशिश करते थे. ऐसा हम में से बहुत सारी महिलाओं के साथ हुआ.’

नाईक बताती हैं, ‘हम में से तमाम होम गार्ड असहज महसूस करती थी क्योंकि सोमनाथ हमसे उन्हें ‘ख़ुश’ करने के लिए कहते थे. ऐसा नहीं करने पर उन्हें ड्यूटी नहीं दी जाती था या फिर उन्हें ड्यूटी के सिलसिले में उनके घरों से दूर भेज दिया जाता था.’

नाईक के अनुसार, सोमनाथ ने उनकी ज़िंदगियों को नरक बना दिया था और यह सब काफी लंबे समय से चल रहा था.

सूरत होमगार्ड के प्रमुख प्रफुल्ल पंसरिया ने किसी भी शिकायत मिलने की बात से इनकार किया है और आश्वासन दिया है कि अगर कोई शिकायत मिली तो वो कारवाई करेंगे. वहीं सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने महिलाओं से मिलने से भी इनकार कर दिया था. जिसके बाद महिला गार्ड्स ने डीसीपी मुख्यालय विधि चौधरी से मुलाकात की और अपनी शिकायत उन्हें सौंप दी. चौधरी ने जांच का वादा किया है.

(लेखक न्यूज़ ब्लॉग INDvestigations के संपादकीय निदेशक हैं.)

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