राजनीति

नई दिल्ली: सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन पर बवाल, पुलिस-आप समर्थक और मनोज तिवारी में झड़प

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि आप विधायक अमानतुल्लाह ने उन्हें धक्का मारा. दिल्ली पुलिस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि सबकी कुंडली निकाल ली है, चार दिन में बताता हूं.

Delhi BJP chief Manoj Tiwari along with his supporters in a scuffle during the inauguration of the Signature Bridge over Yamuna River at Wazirabad in New Delhi on November 4.(PTI Photo)

नई दिल्ली के वज़ीराबाद में यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में बीत चार नवंबर को काफी विवाद हुआ. आरोप है कि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ धक्का मुक्की की गई. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी पर नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज का रविवार को उद्घाटन तनावपूर्ण माहौल में हुआ. इस दौरान दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी की झड़प आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के अलावा दिल्ली पुलिस से हो गई.

मनोज तिवारी ने आरोप लगाया है कि उद्घाटन के लिए जब वे मंच की ओर बढ़ रहे थे तो उन्हें आप विधायक अमानतुल्ला ख़ान ने धक्का मारा. उनके आॅफिस की ओर से इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया गया है.

भाजपा ने आरोप लगाया है कि आप नेता अमानतुल्ला ख़ान ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया और तिवारी को धक्का दिया.

एक और वीडियो वायरल हुआ है जिसमें मनोज तिवारी दिल्ली पुलिस के रवैये से नाराज़ होकर कह रहे हैं, ‘पुलिस के जिन लोगों ने मुझसे धक्का मुक्की की है उनकी शिनाख़्त हो गई है. मैं सबको पहचान गया हूं. इनकी कुंडली निकाल ली है और चार दिन में बताऊंगा कि पुलिस क्या होती है.’

आप नेता अमानतुल्ला ख़ान ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘जब वह (मनोज तिवारी) स्टेज पर चढ़ रहे थे तो मैंने उन्हें धक्का नहीं दिया बल्कि रोका. यह स्पष्ट था कि अगर वह स्टेज पर चढ़ जाते तो मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से बदतमीज़ी करते.’

अमानतुल्ला ख़ान ने कहा, ‘सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में मनोज तिवारी को नहीं बुलाया गया था फिर भी वह अपने समर्थकों के साथ आए. उन्होंने हमारे बैनर पोस्टर फाड़ डाले, काले झंडे दिखाए और हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया. जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो वे लोग स्टेज के पास आए, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं रोका.’

वहीं मनोज तिवारी का कहना है, ‘पुल के उद्घाटन समारोह में मुझे बुलाया गया था. मैं यहां का सांसद हूं. इसमें समस्या क्या है, क्या मैं कोई अपराधी हूं. पुलिस ने मुझे क्यों घेरा हुआ था. मैं यहां अरविंद केजरीवाल का स्वागत करने आया था. आप कार्यकर्ताओं और पुलिस ने मेरे साथ बदतमीज़ी की.’

भाजपा की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया गया. जब यह विरोध प्रदर्शन हुआ उस समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वहां मौजूद नहीं थे.

मनोज तिवारी उत्तर पूर्व दिल्ली से सांसद हैं और पुल उनके संसदीय क्षेत्र में आता है.

मनोज तिवारी ने कहा, ‘अमानतुल्ला की ज़मानत कैंसिल होनी चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मुझे धक्का दिया. मैं उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज कराने जा रहा हूं.’

बहरहाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह कहते हुए भाजपा पर निशाना साधा है कि देश को प्रगति के लिए मंदिर और प्रतिमाओं की नहीं बल्कि पुल, स्कूल और अस्पतालों की ज़रूरत है.

केजरीवाल ने सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘चार दिन पहले 182 मीटर की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन किया गया था और आज 154 मीटर ऊंचे पुल का उद्घाटन किया जा रहा है. देश को इसका निर्णय करना है कि क्या उसे प्रतिमाओं और मंदिरों की ज़रूरत है या पुल, स्कूल और अस्पतालों की.’

उन्होंने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज का विचार उन्हें देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की याद दिलाता है.

उन्होंने कहा, ‘यदि नेहरू ने भेल और सेल जैसे संस्थानों की बजाय मंदिरों और प्रतिमाओं के निर्माण का चयन किया होता तो देश ने प्रगति नहीं की होती. यदि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के ऊपर मंदिरों और मस्जिदों को तरजीह दी गई तो देश 15वीं सदी में पड़ा रहेगा.’

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार को पुल का निर्माण कार्य करने से रोकने के लिए अधिकारियों और इंजीनियरों को उनके ख़िलाफ़ सीबीआई छापों की धमकियां दी गईं.

केजरीवाल ने कहा, ‘सिग्नेचर ब्रिज इसलिए पूरा हुआ क्योंकि दिल्ली में एक ईमानदार सरकार है.’

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार की ओर से इसके लिए बाधाएं खड़ी की गईं ताकि सिग्नेचर ब्रिज का काम दिल्ली में आप सरकार के कार्यकाल में पूरा नहीं हो.

उद्घाटन समारोह में मनोज तिवारी के साथ वहां जमा हुए भाजपा समर्थकों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘यदि मोदी सरकार ने इस पुल में एक इंच भी योगदान किया होता तो मैं काले झंडे दिखाने वालों की तरह मोदी-मोदी का नारा लगाता.’

नई दिल्ली के वज़ीराबाद में बना नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज आज यानी पांच नवंबर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली के वज़ीराबाद में बना नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज आज यानी पांच नवंबर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने तिवारी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यदि उन्हें उद्घाटन कार्यक्रमों में जाने का इतना ही शौक है तो उन्हें रचनात्मक तरीके से काम करना चाहिए.

सिसोदिया ने दावा किया कि आईटीओ पर स्काईवाक के उद्घाटन में दिल्ली सरकार से किसी को भी आमंत्रित नहीं किया गया था.

उन्होंने कहा, ‘यह मोदी सरकार का नियम है कि दिल्ली में निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री को किसी उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा. हमने जान-बूझकर (तिवारी को) आमंत्रित नहीं किया.’

इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तिवारी और उनके समर्थकों की आप सदस्यों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की हुई. तिवारी और उनके समर्थकों ने कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करने के लिए प्रदर्शन किया.

इस बीच संयुक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) रवींद्र यादव ने कहा कि मुख्य कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ.

उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम स्थल पर ड्यूटी पर तैनात हमारे कर्मचारियों ने अत्यधिक संयम बरता. कुछ नारेबाज़ी हुई लेकिन पुलिस ने समूहों को अलग कर दिया और वहां कोई झड़प या हिंसा नहीं होने दी.’’

यादव ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस द्वारा स्थिति से बहुत पेशेवर तरीके से निपटा गया.’

उद्घाटन के बाद आज यानी पांच नवंबर को यह पुल आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाएगा.

कुतुबमीनार से दोगुना ऊंचा है सिग्नेचर ब्रिज 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी पर बने सिग्नेचर ब्रिज अब लोगों के लिए पर्यटन का एक नया केंद्र होगा. इसकी ऊंचाई कुतुबमीनार से दोगुनी है. 14 वर्षों से यह परियोजना लटकी हुई थी.

कुतुबमीनार की ऊंचाई 73 मीटर है और सिग्नेचर ब्रिज की ऊंचाई 154 मीटर है.

यह नया महत्वपूर्ण स्थल यमुना नदी के पार वज़ीराबाद को शहर के आंतरिक भाग से जोड़ता है और इससे उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा में कम समय लगेगा.

154 मीटर ऊंचे इस पुल का उद्घाटन करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह पुल स्थानीय और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक केंद्र बनेगा.

उन्होंने कहा कि जो लोग इंडिया गेट और कुतुबमीनार जैसे ऐतिहासिक स्थल को देखने दिल्ली आते हैं, वे अब इस पुल को देखकर रोमांचित महसूस करेंगे.

इस पुल से बड़ी संख्या में उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो पहले वज़ीराबाद इलाके में एक छोटे से पुल पर लंबे यातायात जाम में फंस जाते थे. अब उन लोगों को यात्रा में कम समय लगेगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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