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सबरीमाला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का वीडियो वायरल, प्रदर्शन को बताया पार्टी का एजेंडा

केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा कि साक्ष्य सामने आया है कि राज्य में बीजेपी नेताओं ने सबरीमाला मामले में विवाद पैदा किया. ख़ुद उनके प्रदेश अध्यक्ष भी इसमें शामिल हैं. यह बेहद निंदनीय है.

केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लै (फोटो: ट्विटर)

केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई (फोटो: ट्विटर)

नई दिल्ली: केरल स्थित सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे घमासान के बीच केरल भाजपा अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई के एक बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है. एक कथित वीडियो में पिल्लई यह कहते नज़र आ रहे हैं कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के ख़िलाफ़ चल रहा प्रदर्शन भाजपा का एजेंडा है और यह पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए स्वर्णिम काल है.

पिल्लई वीडियो में यह भी दावा करते हुए दिखे कि सबरीमाला मंदिर के प्रमुख पुजारी ने यह धमकी देने से पहले उनसे सलाह ली थी कि अगर दस से 50 साल आयु वर्ग की महिलाओं ने प्रवेश किया तो वह मंदिर बंद कर देंगे.

वीडियो में पिल्लई को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुजारी ने इस बारे में उनसे सलाह ली थी कि अगर महिलाएं मंदिर में प्रवेश करने का प्रयास करती हैं तो अयप्पा मंदिर को बंद करना क्या अदालत की अवमानना होगा. पिल्लई ने कहा कि उन्होंने को आश्वासन दिया था कि कोई अवमानना नहीं होगी और हजारों श्रद्धालु उनके साथ हैं.

उन्होंने कोझीकोड में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था, ‘सबरीमला मुद्दा हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि यह आंदोलन भाजपा का एजेंडा है.

विवाद बढ़ने के बाद केरल हाईकोर्ट में वकालत करने वाले अधिवक्ता पिल्लई ने कहा कि पुजारी ने कानूनी राय लेने के लिए उन्हें बुलाया था और उन्होंने कानूनी राय दी. उन्होंने कहा कि कानूनी परामर्श के लिए उनके पास कई लोग आते हैं.

हालांकि मुख्य पुजारी तंत्री कंदारारू राजीवरू ने मंदिर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मामले में केवल वरिष्ठ तंत्री कंदारारू मोहनारू से विमर्श किया था.

केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के वायरल वीडियो की ट्वीट कर निंदा की. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की ग़लत राजनीति भयानक तरीके से सामने आई है. साक्ष्य सामने आया है कि राज्य में बीजेपी नेताओं ने सबरीमाला मामले में विवाद पैदा किया. यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि उनके प्रदेश अध्यक्ष स्वयं भी इसमें शामिल हैं. यह बेहद निंदाजनक है.

मालूम हो कि हाल ही में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केरल में अपने भाषण में सबरीमाला मंदिर के भक्तों का समर्थन किया था. उन्होंने 10-50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे लोगों के साथ खड़े होने की बात कही थी.

अमित शाह ने कहा था कि केरल के सबरीमाला में भगवान अयप्पा के भक्तों की भावनाओं का दमन किया जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री पिनारई विजयन को चेतावनी देते हुए कहा कि कहा कि अगर उन्होंने सबरीमाला के श्रद्धालुओं का दमन नहीं रोका तो भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता उनकी सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा.

शाह ने कहा था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रियान्वयन के नाम पर मुख्यमंत्री को बर्बरता बंद करनी चाहिए.’ उन्होंने यहां तक कहा कि प्रदेश में महिलाएं भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन के ख़िलाफ़ हैं.

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