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सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुनर्विचार याचिका पर फैसले के बाद होगी नई याचिकाओं पर सुनवाई

मंगलवार दोपहर तीन बजे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ बंद कमरे में 48 पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करेगी जिसमें सबरीमाला फैसले की समीक्षा की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया कि सबरीमाला मंदिर से जुड़ी नई याचिकाओं पर सुनवाई तभी होगी जब वह मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधी उसके फैसले की समीक्षा चाहने वाली पुरानी याचिकाओं का निपटारा कर देगा.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने कहा कि पांच न्यायाधीशों वाली एक पीठ आज दोपहर तीन बजे से बंद कमरे में पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है.

सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली जी. विजया कुमार, एस. जया राजकुमार और शैलजा विजयन की तीन नई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा, ‘रिट याचिकाओं पर सुनवाई पुनर्विचार याचिकाओं पर आदेश दिए जाने के बाद होगी.’

इस पीठ में जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ भी शामिल थे.

अगर शीर्ष अदालत फैसले की समीक्षा करने के लिए तैयार होती है तो इन तीन नई याचिकाओं पर सुनवाई पुनर्विचार याचिकाओं के साथ ही होगी. वहीं अगर अदालत पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करती है तो नई याचिकाओं पर स्वतंत्र तरीके से गुण-दोष के आधार पर सुनवाई होगी.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की एक पीठ बंद कमरे में 48 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी जिसमें फैसले के समीक्षा की मांग की गई है.

28 सितंबर को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अपने 4:1 के फैसले में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी और कहा था कि यह प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव के दायरे में आता है.