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चक्रवातीय तूफान ‘गज’ तमिलनाडु पहुंचा, 11 लोगों की मौत

तमिलनाडु के निचले इलाकों से तकरीबन 80 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. कडलूर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, तिरूवरूर, तंजावुर में स्थापित 471 राहत शिविरों में फिलहाल 81,948 लोग रह रहे हैं.

Pudukkottai: A view of a damaged house after cyclone Gaja hit Pudukkottai district of Tamil Nadu, Friday, Nov. 16, 2018. Over 80,000 people were evacuated from low-lying areas as severe cyclonic storm 'Gaja' crossed Tamil Nadu's coast between Nagapattinam and nearby Vedaranyam early Friday, bringing with it heavy rains in coastal regions. (PTI Photo)(PTI11_16_2018_000012)

शुक्रवार को तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई ज़िले में गज तूफान की चपेट में आने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. राज्य के कई ज़िलों में भारी बारिश हो रही हैं. (फोटो: पीटीआई)

नागपट्टिनम/चेन्नई (तमिलनाडु): भीषण चक्रवातीय तूफान ‘गज’ शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु तट से गुजरा. उस वक़्त हवा की रफ़्तार करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा थी.

चक्रवातीय तूफान के तमिलनाडु पहुंचने पर कडलूर, नागपट्टिनम, थोंडी और पम्बन तथा कराईकल और पुडुचेरी में तीन से आठ सेंटीमीटर तक बारिश हुई. इस बीच मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को बताया है कि तमिलनाडु तट पार कर चुके भीषण चक्रवाती तूफान ‘गज’ ने 11 लोगों की जान ले ली.

चेन्नई में मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे तक कडलूर में आठ सेंटीमीटर बारिश हुई जबकि नागपट्टिनम में पांच, पुडुचेरी और कराईकल में भी पांच-पांच सेंटीमीटर वर्षा हुई.

तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों से तकरीबन 80 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. कडलूर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, तिरूवरूर, तंजावुर में स्थापित 471 राहत शिविरों में फिलहाल 81,948 लोग रह रहे हैं.

नागपट्टिनम के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया है, ‘गंभीर चक्रवातीय तूफान ‘गज’ शुक्रवार की सुबह नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी तट से गुज़रा. इस दौरान हवा की गति 100-110 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच थी जो बढ़कर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई.’

यद्यपि, चक्रवातीय तूफान शुक्रवार की सुबह ही ज़मीनी इलाके में प्रवेश कर गया था लेकिन उसे पूरी तरह ज़मीनी क्षेत्र पर आने में और दो घंटे लगे.

ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, पूरा तूफान ज़मीन पर पहुंच गया है. हवा की गति सबसे तेज़ अतिरामपट्टिनम में 117 किलोमीटर प्रतिघंटा थी जबकि नागपट्टिनम में 100 किलोमीटर प्रतिघंटा और कराईकल 83 किलोमीटर प्रतिघंटा थी.

मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवातीय तूफान के पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले छह घंटे में कमज़ोर पड़ने की संभावना है.

इस दौरान नागपट्टिनम, तिरूवरूर और तंजावुर में भारी बारिश हुई. कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए. चक्रवात के कारण यहां और तटवर्ती क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही.

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार टीमें पहले से ही नागपट्टिनम में मौजूद हैं जबकि राज्य आपदा मोचन बल की दो टीमों को कडलूर में तैनात किया गया है.

चक्रवात ‘गज’ ने तमिलनाडु में 11 लोगों की जान ली: पलानीस्वामी

सलेम: मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु तट पार कर चुके भीषण चक्रवाती तूफान ‘गज’ ने 11 लोगों की जान ले ली.

‘गज’ ने शुक्रवार तड़के नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तट पार किया जिससे भारी बारिश हुई और खासतौर से नागपट्टिनम में संचार तथा बिजली ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा.

सलेम में संवाददाताओं से बातचीत में पलानीस्वामी ने कहा कि युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जाएगा और काम अब भी चल रहा है.

उन्होंने कहा, ‘सरकार को सूचना मिली है कि अभी तक 11 लोगों की मौत हो गई.’

उन्होंने आगे कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.

उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवार को मुख्यमंत्री सार्वजनिक राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं उन्हें राहत के तौर पर एक लाख रुपये जबकि मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि गज से मत्स्य पालन क्षेत्र समेत अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

‘गज’ के नागपट्टिनम और वेदारण्यम के बीच तट पार करने पर तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई. निचले इलाकों से 80,000 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया.

चक्रवाती तूफान के कारण चली प्रचंड हवाओं से नागपट्टिनम और कराईकल ज़िलों में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए.

कुडलूर और पुदुकोट्टई जैसे अन्य जिलों में भी चक्रवात से काफी नुकसान पहुंचा है.

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