भारत

उद्योग संगठन ने दी चेतावनी, मार्च 2019 तक बंद हो सकते हैं देश के आधे एटीएम

कन्फेडरेशन आॅफ एटीएम इंडस्ट्री का कहना है कि एटीएम बंद होने से हज़ारों नौकरियों के अलावा सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी आधारित योजनाओं को झटका लगेगा.

Allahabad: A man stand next to an out-of-service Automated Teller Machine (ATM) in Allahabad on Wednesday. PTI Photo (PTI4_18_2018_000120B)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मुंबई: एक औद्योगिक संगठन ने चेतावनी देते हुए बुधवार को कहा कि देशभर में लगे सभी एटीएम में से आधे अगले साल मार्च तक बंद हो जाएंगे. देश में अभी कुल 2.38 लाख एटीएम लगे हुए हैं.

कन्फेडरेशन आॅफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi-कैटमी) ने चेतावनी दी है कि एटीएम बंद होने से हज़ारों नौकरियों के अलावा सरकार के वित्तीय समायोजन प्रयास प्रभावित होंगे.

संगठन की ओर से कहा गया है, ‘एटीएम सेवा प्रदाता कंपनियां मार्च 2019 तक तकरीबन 1.13 लाख एटीएम बंद करने पर मजबूर हो जाएंगी.’ संगठन ने कहा है कि एटीएम उद्योग डूबने के कगार पर पहुंच गया है.

संगठन ने संभावना जताई कि बंद होने वाले अधिकांश एटीएम ग़ैर शहरी क्षेत्रों में हो सकते हैं. यह भी कहा गया कि इससे सरकार की वित्तीय समायोजन प्रयासों को झटका लगेगा क्योंकि सरकारी सब्सिडी लेने वाले लोग यह रकम एटीएम से ही निकालते हैं.

संगठन ने कहा है कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड, नकदी प्रबंधन मानकों की हालिया शर्तों और कैश लोडिंग की कैसेट स्वैप पद्धति के कारण एटीएम का संचालन आसान नहीं रह जाएगा, जिसकी वजह से इन्हें बंद करना पड़ सकता है.

संगठन के अनुसार, सिर्फ नए कैश लॉजिस्टिक्स और कैसेट स्वैप प्रणाली के कारण इंडस्ट्री पर 3,000 करोड़ रुपये का ख़र्च आएगा. कहा गया है कि एटीएम सेवा प्रदाता कंपनियों के पास इतना भारी भरकम ख़र्च वहन करने की वित्तीय सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से मजबूरन एटीएम बंद करने पड़ेंगे.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)