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अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने कोमा में गई बेटी से मिलवाने के लिए अदालत से लगाई गुहार

बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने अपने दामाद पर आरोप लगाया है कि वह उनकी बेटी से मिलने नहीं देते इसलिए उचित देखभाल के लिए उन्हें बेटी का अभिभावक घोषित किया जाए.

अभिनेत्री मौसमी चटर्जी. (फोटो साभार: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

अभिनेत्री मौसमी चटर्जी. (फोटो साभार: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

मुंबई: गुज़रे ज़माने की मशहूर अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने बॉम्बे उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह कोमा में चली गई उनकी बेटी से उन्हें मिलवाए. उन्होंने अनुरोध किया है कि उनके दामाद को निर्देश दिया जाए कि वह उन्हें अपनी बेटी की देखभाल करने दें.

मौसमी चटर्जी और उनके पति जयंत मुखर्जी में उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि उन्हें उनकी बेटी का अभिभावक घोषित किया जाए और उनकी देखभाल करने का अधिकार दिया जाए.

जस्टिस बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस एसवी कोतवाल की खंडपीठ के समक्ष अभिनेत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बेनी चटर्जी ने इस मामले का उल्लेख किया. पीठ इस मामले की सुनवाई शनिवार को करेगी.

अदालत ने चटर्जी के दामाद डिक्की मेहता को इस याचिका के जवाब में हलफ़नामा दायर करने का निर्देश दिया है.

अभिनेत्री की याचिका के अनुसार, डिक्की और पायल की शादी 2010 में हुई. उसके बाद पायल गंभीर रूप से बीमार हो गई.

पिछले साल पायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्य उससे मिले और उसका ख्याल रख.

कुछ महीने पहले मेहता और उसका परिवार कोमा की अवस्था में पायल को अस्पताल से छुट्टी दिलाकर अपने साथ ले गए. इस समय पायल का इलाज उनके खार स्थित आवास पर चल रहा है.

अभिनेत्री का दावा है कि उसके बाद से उन्हें या उनके परिवारजनों को पायल से मिलने नहीं दिया जा रहा है.

मालूम हो कि पायल, मौसमी चटर्जी और जयंत मुखर्जी की बेटी हैं. जयंत, पायल और डिक्की मेहता तेथिस बिज़नेस एंड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2016 में कंपनी के प्रबंधन को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों परिवारों के रिश्ते बिगड़ गए थे.

याचिका के अनुसार, डॉक्टरों ने पायल को फिज़ियोथेरेपी और उनके खाने में बदलाव करने की सलाह दी थी ताकि खाने के लिए उनके शरीर में लगाई गई नली हटाई जा सके और वह फिर से बोलने में सक्षम हो सकें.

रिपोर्ट के अनुसार, मौसमी चटर्जी और जयंत मुखर्जी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पायल की फिज़ियोथेरेपी नहीं कराई जा रही है. डॉक्टर की सलाह के अनुसार डिक्की ने उनके खाने में ज़रूरी बदलाव भी नहीं किए. इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया है कि पायल की देखरेख करने वाले कर्मचारियों को डिक्की ने वेतन नहीं दिया और नर्सें भी नौकरी छोड़कर चली गई हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)