भारत

कश्मीर में जीप पर युवक को बांधने केे मामले में सेना पर एफआईआर

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपने फेसबुक वाल पर भारतीय सेना पर एफआईआर की जानकारी दी है.

सेना की जीप पर बंधा फ़ारुक़ अहमद (फोटो: उमर अब्दुल्ला के ट्विटर से)

सेना की जीप पर बंधा फ़ारूक़ अहमद डार (फोटो: उमर अब्दुल्ला के ट्विटर से)

एक युवक को जीप के आगे बांधकर घुमाने के मामले में कश्मीर पुलिस ने सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. कश्मीरी युवक को आर्मी की जीप से बांधकर घुमाने का वीडियो 13 अप्रैल को सामने आया था. बाद में युवक की पहचान फारूक अहमद डार के रूप में हुई.

कश्मीर के पत्थरबाजों को सबक सिखाने के नाम पर ये वीडियो काफी वायरल हुआ था. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसकी आलोचना की थी.

जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने अपने फेसबुक वाल पर मानव ढाल वीडियो मामले में एफआईआर दर्ज़ होने की पुष्टि की है. उन्होंने यह भी कहा है कि मामले की जांच एसडीपीओ मागम कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि वो सुनिश्चित करेंगी की मामले की जांच निष्पक्ष होगी और ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार पुलिस ने बड़गाम जिले के बीवर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज़ किया है. यह भी कहा जा रहा है कि ये वीडियो कथित तौर पर श्रीनगर सीट के उप-चुनाव के दौरान 9 अप्रैल को बनाया गया था. सेंट्रल कश्मीर पुलिस के डिप्टी आईजी गुलाम हसन ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि 13 अप्रैल को इस घटना को संज्ञान में लेते हुए एफआईआर दर्ज किया गया है.

पीटीआई के अनुसार सेना अध्यक्ष जनरल रावत ने मुख्यमंत्री मुफ़्ती से इस मामले को लेकर मुलाक़ात भी की है. रावत ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की जांच करवाएंगे और जो भी अधिकारी इसमें शामिल पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि सेना द्वारा छोड़े जाने के बाद फ़ारूक़ ने कहा था ‘मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी सेना पर पत्थर नहीं फेंके. पर मुझे समझ नहीं आता कि मुझे क्यों इतनी बुरी तरह पीटा गया और गाड़ी पर बांध दिया गया. मेरा क़सूर क्या था?’

बीरवाह संसदीय क्षेत्र से आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को ‘चौंकाने’ वाला बताया. उन्होंने ट्विटर पर इसके बारे में लिखा भी है और मामले जांच करवाने की बात कही.