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बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या एक दुर्घटना थी, मॉब लिंचिंग नहीं: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीते तीन दिसंबर को कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा में स्याना कोतवाली के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित कुमार नाम के युवक की मौत हो गई थी.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या को दुर्घटना बताया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान योगी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में मॉब लिंचिंग की कोई घटना नहीं है. बुलंदशहर की घटना एक दुर्घटना है और इसमें क़ानून अपना कार्य कर रहा है. कोई भी दोषी बक्शा नहीं जाएगा. अवैध पशु वध पूरे उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित है और डीएम और एसपी इसके प्रति जवाबदेह होंगे.’

इस बीच इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में पांच और लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) एसके भगत ने बीते सात दिसंबर को लखनऊ में संवाददाताओं को बताया था कि बुलंदशहर के स्याना में गत तीन दिसंबर को स्याना कोतवाली के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या के मामले में चंद्र, रोहित, सोनू, नितिन और जितेंद्र नामक अभियुक्तों को शुक्रवार को गिरफ़्तार कर लिया गया.

इस मामले में अब तक कुल नौ अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

भगत ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह हत्याकांड में जीतू फौज़ी नामक सेनाकर्मी की संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर बताया था कि वह इंस्पेक्टर हत्याकांड मामले में नामज़द अभियुक्त है.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह जम्मू कश्मीर में तैनात है. पुलिस की एक टीम वहां गई है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

उन्होंने बताया था कि घटना में जीतू की क्या भूमिका थी यह विशेष जांच दल (एसआईटी) की तफ्तीश में पता चलेगा.

इस बीच बुलंदशहर हिंसा को लेकर खुफिया एजेंसी की जांच रिपोर्ट के बाद तीन पुलिस कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है. बुलंदशहर एसएसपी, स्याना क्षेत्राधिकारी और चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी का तबादला कर दिया गया है. इस रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए गए हैं.

प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने बताया कि बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण बहादुर सिंह को हटाकर उन्हें लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है.

सरकार ने बुलंदशहर में स्याना के पुलिस क्षेत्राधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा और चिंगरावठी पुलिस चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार का भी तबादला कर दिया है.

इस मामले में 27 नामज़द लोगों तथा 50-60 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है.बुलंदशहर हिंसा मामले और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले में मुख्य आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश राज को बनाया गया है, हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में योगेश राज ने ख़ुद को निर्दोष बताया है. वह इस समय फरार है.

योगेश के बाद बीते छह नवंबर को बुलंदशहर हिंसा में वांछित एक और अभियुक्त शिखर अग्रवाल का वीडियो सामने आया था. इसमें शिखर स्वयं को निर्दोष और हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को भ्रष्ट क़रार दिया है.

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