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बीएसएफ की गोली से युवक की मौत, पिता ने कहा- न वह आतंकी था, न पत्थरबाज़

बीएसएफ की गोली से श्रीनगर में शनिवार को एक युवक सज्जाद हसन की मौत को लेकर घाटी में तनाव.

सज्जाद हसन के फेसबुक पेज से

(सज्जाद हसन के फेसबुक पेज से)

बीएसएफ की गोली से श्रीनगर में शनिवार को एक युवक सज्जाद हसन की मौत के विरोध में रविवार को कश्मीर बंद रहा. जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बटमालू में शनिवार को सुरक्षाबलों की गोली से एक युवक की मौत हो गई थी, जिसके विरोध में अलगाववादियों ने संयुक्त रूप से बंद बुलाया था.

ग्रेटर कश्मीर की ख़बर के मुताबिक, बीएसएफ की गोली से मारे गए युवक सज्जाद हसन के पिता गुलाम हसन शेख का कहना है, ‘यदि वह आतंकी या पत्थरबाज़ होता तो मुझे उसकी मौत का कोई दुख नहीं होता. वह तो ऐसा था कि आगे चलकर मेरे कंधों का बोझ कम करता.’

शेख का कहना है, ‘उसने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगा दिया और कह कर गया कि वह पांच मिनट में आ रहा है. कुछ देर बाद हमने गोली चलने की आवाज़ सुनी. हम बाहर गए और कुछ लड़कों ने बताया कि सज्जाद को गोली मार दी गई.’

शेख़ का कहना है, ‘वह उभरता हुआ क्रिकेटर था, कुछ दिन पहले ही उसने एक टूर्नामेंट में मैन आॅफ द मैच जीता था. उसकी ट्रॉफी और क्रिकेट किट उसकी याद के तौर पर बच गई है. इलाक़े में कोई पत्थरबाज़ी नहीं हो रही थी. दुकानें खुली थीं. फिर भी उन्होंने मेरे बेटे को मार दिया. इसका मतलब यह जानबूझ कर की गई हत्या है. मैं जानना चाहता हूं कि उन्होंने मेरे बेटे को क्यों मारा.’

ग्रेटर कश्मीर के मुताबिक, ‘बीएसएफ जवानों ने सज्जाद हसन नाम के एक युवक को गोली मार दी, जिसके बाद इलाके में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम को रेक चौक पर कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे. उसी समय बीएसएफ के तीन वाहन उधर से गुज़रे. बीएसएफ की टुकड़ी रास्ता भूल गई थी. उन्होंने युवकों से बटमालू का रास्ता पूछा. युवकों ने उनकी हूटिंग की और कुछ ने वाहनों पर पत्थर फेंके. एक वाहन से जवानों ने गोली चला दी, जो कि सज्जाद के माथे पर लगी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.’

एक दुकानदार मुहम्मद अब्दुल्ला के हवाले से अख़बार ने लिखा है, ‘मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि उन्होंने गोली क्यों चला दी. उन्हें युवकों को भगाने के लिए हवाई फायर करना चाहिए था जो कि बमुश्किल 15 की संख्या में रहे होंगे.’

इस घटना पर पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा, ‘हम परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं. पुलिस मुख्यालय को सूचना दे दी गई है. मामले की जांच की जा रही है. क़ानून अपना काम करेगा.’

बीएसएफ के पब्लिक रिलेशन आॅफिसर वशु बंधू ने ग्रेटर कश्मीर को दिए अपने बयान में कहा, ‘हमारे जवान रास्ते में थे और वे रास्ता भूल गए थे. कुछ बच्चों ने पत्थर फेंका और जवानों की फायरिंग में एक की मौत हो गई.’

रविवार को बंद रहा श्रीनगर

ख़बर के मुताबिक, ‘बटमालू में सुरक्षाबलों की गोली से युवक के मौत के विरोध में रविवार को कश्मीर पूरी तरह बंद रहा. पुलिस ने किसी तरह के प्रदर्शन को लेकर पर्याप्त सख़्ती बरती. घाटी में व्यापार पूरी तरह ठप रहा.’

अख़बार के मुताबिक, यह बंद युवक की मौत के विरोध में अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक की ओर से बुलाया गया था.

बंद के दौरान पुराने कश्मीर के कुछ इलाक़ों में युवाओं और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें भी हुईं. बटमालू में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. लोगों के आने-जाने या वाहनों के चलने पर भी पाबंदी लगी रही. इलाक़े में फेरी वाले भी नहीं दिखे. उत्तरी कश्मीर के ज़िलों- पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग, कुपवाड़ा, बारामूला पूरी तरह बंद रहे.