भारत

मध्य प्रदेश: कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिली, कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भाजपा से निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया इस्तीफा. प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है.

Chitrakoot: Congress President Rahul Gandhi with MPCC President Kamal Nath (2nd L), party MP Jyotiraditya Scindia (3rd R) and other leaders during a public meeting in Chitrakoot, Thursday, Sept 27, 2018. (AICC Photo via PTI) (PTI9_27_2018_000139B)

(फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों के परिणाम आने के बाद 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

वहीं 109 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी का है. सभी 230 सीटों पर परिणाम आने के बाद कांग्रेस को 114, भाजपा के 109, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो, समाजवादी पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिली हैं.

प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. हालांकि सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है. इस तरह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है.

दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से जिसे भी इनका समर्थन मिलेगा, सत्ता का ताज उन्हीं के सिर पर सजेगा.

गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार रात को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर सरकार बनाने दावा पेश किया था.

इसके लिए उन्होंने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा था और कहा कि उनके दल के पास सरकार बनाने का पर्याप्त आंकड़ा है और उन्हें अन्य दलों और निर्दलीयों का समर्थन हासिल है.

बुधवार सुबह संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि सरकार बनाने के लिये हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है. बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और यहां तक की निर्दलीय भी हमारे साथ हैं.

कमलनाथ ने कहा कि हमने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और हम उन्हें हमारे बहुमत के बारे में बताकर सरकार बनाने की अनुमति देने का आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुधवार शाम को बुलाई गई है.

वहीं निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है. चौहान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे.

बुधवार को गवर्नर को इस्तीफा सौंपने के बाद चौहान ने कहा, ‘अब मैं मुक्त हूं. मैंने अपना इस्तीफा गवर्नर को सौंप दिया है. हार की जिम्मेदारी पूर्ण रूप से मेरी है. मैंने कमलनाथ को शुभकामनाएं दे दी है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘ना हार में, ना जीत में, किंचिंत नहीं, भयभीत मैं. कर्तव्य पथ पर जो भी मिले, ये भी सही वो भी सही.’ शिवराज सिंह चौहान अपनी परंपरागत सीट बुधनी से 58,999 मतों के भारी अंतर से चुनाव जीता है.

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव को पराजित किया. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अर्जुन सिंह के पुत्र और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह अपनी परंपरागत सीट चुरहट से चुनाव हार गये हैं.

हालांकि मंगलवार देर रात ये कयास लगाया जा रहा था कि भाजपा भी सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने मंगलवार देर रात को ट्वीट किया, ‘प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है. कई निर्दलीय और अन्य भाजपा के संपर्क में हैं. कल राज्यपाल महोदया से मिलेंगे.’

वहीं, कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में अपने किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं.

दोनों नेता फिलहाल छिंदवाड़ा और गुना से लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस विधानसभा चुनाव में मैदान में नहीं उतरे थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)