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मध्य प्रदेश: सरकार बनाने के करीब कांग्रेस, बसपा और सपा ने समर्थन दिया

भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस्तीफा देते हुए कहा, ‘हमें बहुमत नहीं मिला है. हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं गवर्नर को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’

Lucknow: Bahujan Samaj Party supremo Mayawati addresses a press conference, in Lucknow, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)

बसपा अध्यक्ष मायावती (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को समर्थन दिया है. विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों के परिणाम आने के बाद 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

वहीं 109 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी है. भाजपा के कुछ नेताओं ने कहा था  कि वह भी निर्दलीय और अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं. हालांकि मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘हमें बहुमत नहीं मिला है. हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं गवर्नर को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’

वहीं बसपा अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देते हुए कहा, ‘मध्य प्रदेश में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए बसपा कांग्रेस को समर्थन देगी.’ मध्य प्रदेश में बसपा के कुल दो विधायक हैं.

सपा ने भी कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को समर्थन देगी.’

बता दें कि सभी 230 सीटों पर परिणाम आने के बाद कांग्रेस को 114, भाजपा के 109, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को दो, समाजवादी पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिली हैं.

गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार रात को ही राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर सरकार बनाने दावा पेश किया था.

इसके लिए उन्होंने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा था और कहा कि उनके दल के पास सरकार बनाने का पर्याप्त आंकड़ा है और उन्हें अन्य दलों और निर्दलीयों का समर्थन हासिल है.

बुधवार सुबह संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि सरकार बनाने के लिये हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है. बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और यहां तक की निर्दलीय भी हमारे साथ हैं.

कमलनाथ ने कहा कि हमने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और हम उन्हें हमारे बहुमत के बारे में बताकर सरकार बनाने की अनुमति देने का आग्रह करेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुधवार शाम को बुलाई गई है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक पद से इस्तीफा नहीं दिया है.

कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में अपने किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं.

दोनों नेता फिलहाल छिंदवाड़ा और गुना से लोकसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस विधानसभा चुनाव में मैदान में नहीं उतरे थे.

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