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वीडियो: पत्रकार संतोष यादव से उनके जेल जाने और बस्तर में पत्रकारिता पर बातचीत

संतोष यादव को सितंबर 2015 में बस्तर पुलिस ने नक्सल समर्थक होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. करीब डेढ़ साल बाद उन्हें फरवरी 2017 में ज़मानत मिली. वे बस्तर में काम करने वाले उन पत्रकारों में से हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षा बलों और माओवादियों दोनों की ज़्यादतियों पर मुखरता से लिखा था.