राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर जनता के 2000 करोड़ रुपये ख़र्च

विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने बीते गुरुवार को राज्यसभा में 15 जून, 2014 से 3 दिसंबर, 2018 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का ब्योरा दिया.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi departs for Japan after a brief stopover, in Bangkok, Thailand on November 09, 2016.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीआईबी)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर 2014 से अब तक में जनता के टैक्स के 2000 करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई है. विदेश मामलों के राज्य मंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में 15 जून, 2014 से 3 दिसंबर, 2018 के बीच मोदी की विदेश यात्राओं का ब्योरा दिया.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद बिनॉय विश्वम ने पूछा था कि साल 2014 के बाद से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में कुल कितनी राशि खर्च की गई है. इसके अलावा उन्होंने देशों के नाम, प्रधानमंत्री के साथ जाने वाले मंत्रियों के नाम और हस्ताक्षर किए गए समझौतों के बारे में जानकारी मांगी थी.

वीके सिंह ने जवाब में मोदी की यात्राओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने प्रत्येक यात्रा पर खर्च का गई राशि के बारे में बताया, जिसमें एयर इंडिया के रखरखाव की लागत और हॉटलाइन पर खर्च की गई धनराशि भी शामिल है.

सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के विमान रखरखाव पर कुल 1,583.18 करोड़ रुपये खर्च किए गए, चार्टर्ड उड़ानों पर 429.28 करोड़ रुपये और हॉटलाइन पर 9.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. सिंह द्वारा प्रदान किए गए विवरण में मई 2017 से दिसंबर 2018 तक हॉटलाइन पर खर्च की गई राशि के बारे में जानकारी नहीं दी गई है.

Modi foreign Visit 1 Modi Visit 2

इस हिसाब से नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर 15 जून, 2014 से 3 दिसंबर, 2018 के बीच विदेश यात्राओं में कुल 2,021.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

बता दें कि केंद्र सरकार ने बीते जून महीने में बताया था कि जून 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 84 देशों की यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर 1,484 करोड़ रुपये का व्यय किया गया.

प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद से मोदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापानी प्रधानमंत्री शिन्जो आबे और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित कई बार वैश्विक नेताओं से मुलाकात की है.

इस महीने की शुरुआत में, मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप और आबे से मिले थे. मोदी ने कहा था कि तीनों राष्ट्र लोकतंत्र को समर्पित हैं और वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की गई है.

विपक्षी दलों का आरोप है कि नरेंद्र मोदी बहुत ज्यादा विदेश यात्राएं करते हैं, जिसकी वजह से इन यात्राओं पर काफी ज्यादा धनराशि खर्च भी हुई है.

सांसद बिनॉय विश्वम द्वारा ये भी पूछा गया था कि प्रधानमंत्री के साथ किन मंत्रियों ने यात्रा की है, उनकी जानकारी दी जाए. हालांकि वीके सिंह ने उन्हें ये जानकारी नहीं दी है. वहीं सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा संबंधी ये जानकारी भी नहीं दे रही है कि उनके साथ किन प्राइवेट लोगों ने विदेश दौरे के समय यात्रा की है.

द वायर ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन दायर कर ये जानकारी मांगी थी लेकिन विदेश मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश के बावजूद ये जानकारी देने से मना कर दिया था.

सीआईसी ने बीते 21 अगस्त को विदेश मंत्रालय को आदेश दिया था कि वे उन सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) व्यक्तियों के नाम बताएं जो 2014- 15 से लेकर अब तक में विदेश दौरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गए थे.

हालांकि सीआईसी के आदेश का उल्लंघन करते हुए विदेश मंत्रालय ने द वायर द्वारा इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत दायर किए गए आवेदन में मांगी गई जानकारी को गोपनीय बताते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया था.