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वेदांता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के सिर, छाती में गोली मारी गई थी: पोस्टमार्टम

तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह की स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद कराने को लेकर हुए प्रदर्शन में 13 लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी.

Tuticorin: Police personnel baton charge at a protestor demanding the closure of Vedanta's Sterlite Copper unit, in Tuticorin, on Wednesday. In fresh violence today, one person was killed during the clash, after police's open fire killing at least ten people yesterday, and injuring many others. (PTI Photo) (PTI5_23_2018_000193B)

बीते 22 मई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी को पीटती हुई तूतीकोरिन पुलिस (फोटो साभार: पीटीआई)

चेन्नई: तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद कराने को लेकर इसी साल 22 मई को हुए प्रदर्शन में 13 लोगों की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इन 13 प्रदर्शनकारियों में से 12 के सिर, छाती और पीछे से गोली मारी गई थी.

रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, मारे गए लोगों को लेकर कई सरकारी अस्पतालों के फॉरेंसिक मेडिकल विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के बाद गोली लगने के स्थानों की जानकारी सामने आई है.

गौरतलब है कि इस फैक्ट्री से हो रहे प्रदूषण के खिलाफ लोग महीनों से प्रदर्शन कर रहे थे. स्थानीय लोगों का कहना था कि इस फैक्ट्री के प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याओं का संकट खड़ा हो गया है. जबकि इस कंपनी ने उस वक्त शहर में अपनी और यूनिट बढ़ाने की घोषणा की थी.

रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों में सबसे कम उम्र का युवक महज 17 वर्षीय जे. स्टालिन था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गोली सिर के पिछले हिस्से पर लगकर मुंह से निकल गई थी.

स्टालिन की मौत को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उसे गोली पीछे की तरफ से गर्दन पर लगी. रॉयटर्स ने जब स्टालिन के परिजनों से बात कि तो पता चला कि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी ही नहीं गई है.

बता दें कि मई महीने में हुई इस घटना को लेकर किसी भी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार या कार्रवाई नहीं की गई है. सरकार ने उस वक्त ये कहकर जिम्मेदारी से किनारा कर लिया था कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ये कदम उठाना पड़ा.

स्टरलाइट ने भी घटना को लेकर खेद व्यक्त किया और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. राज्य सरकार ने प्रदूषण संबंधी चिंताओं पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद इस साल 28 मई को वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने का निर्देश दिया था.

कंपनी द्वारा प्रदूषण फैलाने और कई स्थानीय लोगों के प्रभावित होने की वजह से प्लांट को बंद कराने की मांग के साथ हिंसक प्रदर्शन हुए थे.  स्थानीय लोग प्रदूषण फैलाने के चलते कारखाने को बंद करने की मांग को लेकर 99 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे. आंदोलन के 100वें दिन प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस की गोलीबारी में 13 लोग मारे गए.

मालूम हो कि वेदांत समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट पर एनजीटी ने हाल ही में प्रतिबंध हटा दिया. तमिलनाडु सरकार राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी.