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असम: पत्रकार के सवाल पर भड़के एआईयूडीएफ प्रमुख, बोले- यहां से जाओ वरना सिर फोड़ दूंगा

गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से एक पत्रकार ने लोकसभा चुनाव के समय पार्टी की गठबंधन की योजना पर सवाल किया, जिस पर वे भड़क गए.

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरूद्दीन अजमल (फोटो: पीटीआई)

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से बुधवार को जब एक पत्रकार ने अगले आम चुनाव को लेकर सवाल किया तो वह भड़क गए और पत्रकार को अपशब्द कहने लगे तथा उसका सिर फोड़ने तक की धमकी दी.

इसके बाद उनके समर्थकों ने पत्रकार को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने पर मजबूर किया. पत्रकार ने बाद में लोकसभा सदस्य बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

यह घटना तब हुई जब अजमल एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे. दक्षिण सलमारा जिले के पंचायत चुनाव के विजयी प्रत्याशियों के अभिनंदन कार्यक्रम में ये घटना हुई.

तभी एक स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर गठजोड़ की एआईयूडीएफ की योजना के बारे में सवाल किया. लोकसभा सदस्य अजमल ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, ‘हम दिल्ली में महागठबंधन (विपक्ष) के साथ हैं.’

इसके बाद पत्रकार ने पूछा कि चुनाव के बाद कौन सी पार्टी जीतती है, क्या एआईयूडीएफ इसको देखकर अपना रुख बदलेगी. इस पर अजमल भड़क गए और कहा, ‘तुम कितना करोड़ रुपये दोगे? (अपशब्द)… यह पत्रकारिता है? तुम जैसे लोग पत्रकारिता को बदनाम कर रहे हैं. यह व्यक्ति पहले से ही हमारे खिलाफ है.’

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, अजमल ने पत्रकार को धमकाते हुए आगे कहा, ‘वो पूछ रहा है कि मैं भाजपा को कितने पैसे में खुद को बेचूंगा? उसके पिता को बेच दिया जाएगा. यहां से जाओ वरना मैं तुम्हारा सिर फोड़ दूंगा. जाओ और मेरे खिलाफ मामला दर्ज करो … (गाली) … अदालत में मेरे आदमी हैं. तुम खत्म हो जाओगे. तुमने पहले भी ऐसा किया है.’

इसके बाद अजमल ने और भी अपशब्द कहे. इसके बाद उन्होंने दूसरे पत्रकार का माइक छीनकर सवाल पूछने वाले पत्रकार को मारने की कोशिश की. इस मामले में आलोचना होने के बाद बदरुद्दीन अजमल ने ट्वीट कर माफी मांग ली है.

उन्होंने कहा, ‘मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और मैंने हमेशा मीडियाकर्मियों का सम्मान किया है. मनकाचर की घटना अनजाने में हुई और मैं इसके लिए सभी संबंधितों व्यक्तियों से माफी मांगता हूं.’

पीड़ित पत्रकार का कहना है, ‘वहां लोग इकट्ठा हो गए और मुझे पीटने की कोशिश कर रहे थे. मुझे माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया और मैंने अपनी जान बचाने के लिए ऐसा किया. मैंने पहले ही प्राथमिकी दर्ज करवा दी है.’

2013 के राज्य पंचायत चुनावों में, एआईयूडीएफ 72 जिला पंचायत सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. हाल ही में हुए असम पंचायत चुनावों में एआईयूडीएफ की यह संख्या घटकर 26 हो गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)