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भारत बंद के दौरान दर्ज मुक़दमे वापस लें मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई कांग्रेस सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों को दिए गए समर्थन पर पुनर्विचार करेगी.

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI3_24_2018_000088B)

बसपा प्रमुख मायावती (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान की कांग्रेस सरकारों से भारत बंद के दौरान दोनों राज्यों में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो पार्टी दोनों राज्यों की सरकारों को दिए गए समर्थन पर दोबारा विचार करेगी.

उन्होंने कांग्रेस सरकारों को धमकी देते हुए कहा, ‘अगर कांग्रेस की नई सरकारों ने अविलंब उचित कार्रवाई नहीं की तो फिर बसपा को वहां की कांग्रेस सरकारों (मध्य प्रदेश व राजस्थान) को बाहर से समर्थन देने के मामले में पुनर्विचार करना पड़ सकता है.’

मायावती ने सोमवार को जारी एक बयान में आरोप लगाया, ‘एससी/एसटी कानून 1989 व सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण की पूर्ण बहाली की मांग को लेकर दो अप्रैल को किए गए ‘भारत बंद’ के दौरान उत्तर प्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में से मध्य प्रदेश व राजस्थान में जातिगत और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई की गई थी और निर्दोष लोगों को फंसाया गया था.’

उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई कांग्रेस सरकारों को निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को तुरंत वापस लेना चाहिए और मुकदमों को खत्म करना चाहिए.

पिछले दिनों मध्य प्रदेश में हुए में विधानसभा चुनाव में 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया था और बसपा-सपा ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को समर्थन दिया था. राजस्थान में भी कांग्रेस सरकार को बसपा ने समर्थन दिया है.

मालूम हो कि पिछले साल अप्रैल महीने में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी कानून में संशोधन के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था.

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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