कैंपस

कन्हैया, उमर और ​अनि​र्बान के ख़िलाफ़ जल्द दाख़िल करेंगे चार्जशीट: दिल्ली पुलिस कमिश्नर

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने बुधवार को कहा, ‘मामला अंतिम दौर में है. जांच जटिल थी क्योंकि बयान लेने के लिए टीम को अन्य राज्यों का भी दौरा करना पड़ा था.’

उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

उमर ख़ालिद और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने बीते बुधवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य लोगों के खिलाफ देशद्रोह मामले में दिल्ली पुलिस जल्द ही आरोप पत्र दायर करेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, पटनायक ने कहा, ‘मामला अंतिम दौर में है. जांच जटिल थी क्योंकि बयान लेने के लिए टीम को अन्य राज्यों का भी दौरा करना पड़ा था. हम जल्द ही आरोप पत्र दायर करेंगे.’

साल 2016 में संसद हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु के संबंध में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगाने को लेकर राजद्रोह के आरोपों में कन्हैया कुमार, उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया था.

इस मामले में वसंत कुंज नॉर्थ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. बाद में आरोपितों को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी.

इन गिरफ्तारियों पर काफी विवाद पैदा हुआ था. विपक्ष ने यह कहते हुए पुलिस की आलोचना की थी कि वह ‘सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ से काम कर रही है.’

नौ फरवरी, 2016 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आरोप लगाया था कि कैंपस में भारत विरोधी नारे लगे थे.

फिलहाल तीनों छात्र अभी ज़मानत में रिहा हैं. छात्रों की गिरफ्तारी के बाद देश भर के यूनिवर्सिटी कैंपसों में इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए.

इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता और वकील प्रशांत भूषण ने भाजपा सरकार पर देश में भय का वातावरण बनाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.

जेएनयू के छात्र उमर खालिद पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा किए गए कथित हमले के कुछ मिनट बाद खौफ से आजादी कार्यक्रम में बोलते हुए भूषण ने कहा था कि यह भय पैदा करने के लिए किया गया ताकि कोई भी सरकार के खिलाफ आवाज न उठाए.

उन्होंने कहा था कि सरकार के खिलाफ बोलने की वजह से उमर खालिद और कन्हैया कुमार जैसे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. और इन्हें देशद्रोही और नक्सली कहा जा रहा है. 

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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