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सेना में खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले बीएसएफ जवान के बेटे की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव के 22 वर्षीय बेटे हरियाणा के रेवाड़ी ज़िले में रहते थे. मृतक के घरवालों ने साज़िश की आशंका जताई.

तेज बहादुर यादव. (फोटो साभार: फेसबुक)

तेज बहादुर यादव. (फोटो साभार: फेसबुक)

रेवाड़ी: जवानों को खराब गुणवत्ता का खाना परोसने की शिकायत करने के बाद नौकरी से निकाले जाने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तेज बहादुर यादव का बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में  शुक्रवार की सुबह हरियाणा स्थित अपने घर में मृत अवस्था में पाया गया.

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रेवाड़ी जिले के शांति विहार में 22 वर्षीय रोहित ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमें सूचना मिली की रोहित ने आत्महत्या की है. घटनास्थल पर हमें कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला. उसका शव बिस्तर पर पड़ा हुआ था. उसके हाथों में एक पिस्तौल थी. उसके पिता कुंभ मेला में गए हुए थे. हमने उन्हें सूचना दे दी है.’

पुलिस मामले की जांच कर रही है. मृतक के घरवालों ने मौत में साजिश की आशंका जताई है.

साल 2017 में तेज बहादुर ने पाकिस्तान से लगे सीमाई इलाकों पर तैनात जवानों को परोसे जाने वाले खाने की खराब गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था.

इन वीडियो में उन्होंने खराब खाने का हवाला देते हुए कहा था कि बीएसएफ के जवानों को कड़ाके की ठंड में अच्छी डाइट नहीं मिल पा रही है. उन्होंने कहा था कि जवानों के हिस्से का राशन कुछ अधिकारी बीच में ही गबन कर देते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वे मंडी मंदिर मुख्यालय की बीएसएफ की 29वीं बटालियन के जवान थे. उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के पूंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास खेट के प्रशासनिक बेस में थी.

हालांकि इस घटना के कुछ दिन बाद ही तेज बहादुर को आदेश न मानने, ड्यूटी के दौरान दो फोन रखने और सेना की वर्दी में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने का दोषी बताते हुए उन्हें नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.