भारत

भाजपा विधायक की मायावती पर विवादित टिप्पणी, कहा- वो किन्नर से भी बदतर हैं

उत्तर प्रदेश के मुगलसराय से भाजपा विधायक साधना सिंह ने कहा कि चीरहरण होने के बावजूद कुर्सी के लिए मायावती ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया.

sadhna singh bjp mayavati

भाजपा विधायक साधना सिंह और मायावती. (फोटो: फेसबुक/पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुगलसराय से भाजपा विधायक साधना सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को लेकर की विवादित टिप्पणी की है. साधना ने सपा-बसपा गठबंधन को लेकर एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मायावती किन्नर से भी बद्तर हैं और न ही वो नर में हैं और न ही नारी में.

सपा के साथ बसपा का पिछले हफ्ते हुए गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए विधायक ने कहा कि चीरहरण होने के बावजूद मायावती सत्ता पाने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया. जबकि भाजपा के नेताओं ने उनके सम्मान की रक्षा की थी.

साधना अपने भाषण में कहती हैं, ‘हमको तो उत्तर प्रदेश की एक पूर्व मुख्यमंत्री न महिला में लगती हैं न जेंट्स में लगती हैं. इनको तो अपना सम्मान ही समझ नहीं आता. जिस महिला का इतना बड़ा चीरहरण हुआ, एक चीरहरण हुआ द्रौपदी का जिसनें कौरवों से प्रतिशोध लेने का संकल्प किया. उन्होंने ये संकल्प लिया कि जब तक दुशासन के कंधों का लहू नहीं मिलता, तब हम अपने बाल को बांधेंगे नहीं. वो महिला एक स्वाभिमानी महिला थी.’

भाजपा विधायक आगे कहती हैं, ‘आज की महिला की सब कुछ लुट गया फिर भी कुर्सी पाने के लिए अपने सम्मान को बेच दिया. ऐसी महिला मायावती जी का हम इस कार्यक्रम से तिरस्कार करते हैं. ये महिला नारी जात पर कलंक है. जिस महिला की आबरू लूटते हुए भाजपा के नेताओं ने बचाया और अब वही महिला सुख सुविधा के लिए अपने अपमान को पी लिया.’

विवादित टिप्प्णी करते हुए साधना सिंह कहती हैं कि जिस महिला का साड़ी, ब्लाउज़ और पेटीकोट फट जाता है, वो महिला फिर सत्ता के लिए आगे नहीं आती है. जो महिला फिर भी आगे आती है तो वो देश के लिए कलंक है. उन्होंने आगे कहा कि मायावती को उन्हें महिला कहने में शर्म आता है क्योंकि वे किन्नर से भी बदतर हैं.

बसपा समेत कई विपक्षी पार्टियों ने भाजपा विधायक के इस बयान की कड़ी आलोचना की है. बसपा ने साधना सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा-बसपा के साथ आने से भाजपा के नेता अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं.

बसपा महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘उन्होंने हमारी पार्टी की मुखिया मायावती जी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. लगता है कि सपा-बसपा गठबंधन के बाद भाजपा के नेताओं ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. लिहाजा, उन्हें आगरा और बरेली के मानसिक अस्पतालों में भर्ती होना चाहिए.’

वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा विधायक के इस बयान की आलोचना की है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘मुगलसराय से भाजपा की महिला विधायक ने जिस तरह के आपत्तिजनक अपशब्द सुश्री मायावती जी के लिए प्रयोग किए हैं वे घोर निंदनीय हैं. ये भाजपा के नैतिक दिवालियापन और हताशा का प्रतीक है. ये देश की महिलाओं का भी अपमान है.’