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गोरक्षा के नाम पर किसी को क़ानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा: यूपी डीजीपी

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का कार्यभार संभाला.

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उत्तर प्रदेश के नए पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने शनिवार को अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राज्य में क़ानून का राज होगा, पुलिसवालों को काम करने की पूरी आज़ादी होगी. गोरक्षा के नाम पर किसी को क़ानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा, गुंडागर्दी खत्म की जाएगी.

सुलखान ने कहा कि अपराध और क़ानून व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए पुलिस को खुली छूट होगी. जो भी क़ानून हाथ में लेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सादी वर्दी में पुलिस के जवान आम लोगों के सहयोग के लिए तैनात रहेंगे.

डीजीपी ने कहा कि राज्य में गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इस मामले में अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) को भी नहीं बख्शा जाएगा. कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा चाहे दोषी कोई भी हो या फिर किसी भी तरह का राजनीतिक संपर्क रखता हो.

 

सुलखान सिंह 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. सिंह ने जावीद अहमद से कार्यभार ग्रहण किया है. प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को आईपीएस अधिकारियों के कामकाज में बदलाव करते हुए सिंह को नया पुलिस प्रमुख नियुक्त किया. अहमद को पीएसी का महानिदेशक बनाकर भेजा गया है.

उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जाएंगी. प्राथमिकताओं के बारे में पूछने पर सिंह ने कहा कि बिना भेदभाव के क़ानून व्यवस्था सुनिश्चित करना और पुलिस बल का मनोबल सदैव ऊंचा रखना उनकी प्राथमिकता होगी.

पुलिस मशीनरी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी.

(एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)