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मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली भाजपा विधायक साधना सिंह ने माफ़ी मांगी

उत्तर प्रदेश के मुगलसराय से भाजपा विधायक साधना सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वो तो किन्नरों से भी बदतर हैं.

मायावती और साधना सिंह (फोटो: पीटीआई और फेसबुक)

मायावती और साधना सिंह (फोटो: पीटीआई और फेसबुक)

लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली उत्तर प्रदेश से मुगलसराय की भाजपा विधायक साधना सिंह ने माफी मांग ली है. साधना सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘मायावती किन्नरों से भी बदतर हैं.’

साधना सिंह ने अपने बयान पर माफी मांगते हुए कहा, ‘विगत मेरे द्वारा दिए गए भाषण के दौरान मेरी मंशा किसी को अपमानित करने की नहीं थी, बल्कि मेरी मंशा सिर्फ और सिर्फ यही थी कि दो जून, 1995 को गेस्ट हाउस कांड में भाजपा द्वारा की गई मदद याद दिलाना था न कि उनका अपमान करना. अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं खेद प्रकट करती हूं.

मालूम हो कि सपा-बसपा गठबंधन को लेकर मायावती पर निशाना साधते हुए साधना सिंह ने विवादित टिप्प्णी की थी और कहा था कि जिस महिला का साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट फट जाता है, वो महिला फिर सत्ता के लिए आगे नहीं आती है. जो महिला फिर भी आगे आती है तो वो देश के लिए कलंक है. उन्होंने आगे कहा कि मायावती को उन्हें महिला कहने में शर्म आता है क्योंकि वो किन्नर से भी बदतर हैं.

साधना सिंह के बयान को लेकर विपक्ष ने भाजपा और विधायक की कड़ी आलोचना की. बसपा महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यही भाजपा की मानसिकता है और विधायक साधना सिंह को मानसिक रूप से बीमार हैं.

वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा, ‘मुगलसराय से भाजपा की महिला विधायक ने जिस तरह के आपत्तिजनक अपशब्द सुश्री मायावती जी के लिए प्रयोग किए हैं वे घोर निंदनीय हैं. ये भाजपा के नैतिक दिवालियापन और हताशा का प्रतीक है. ये देश की महिलाओं का भी अपमान है.’

वहीं बसपा नेता राम चंद्र गौतम ने इस मामले को लेकर चंदौली बबुरी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज़ कराई है.

बसपा और सपा कार्यकर्ताओं ने चंदौली एसपी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. बसपा नेता रामचंद्र गौतम का कहना है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज़ कराने के लिए दो दिन का वक़्त मांगा है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बसपा नेताओं ने चंदौली बबुरी पुलिस थाना में मामले की शिकायत की है, लेकिन अभी तक किसी प्रकार का एफआईआर दर्ज नहीं हुआ है. पुलिस का कहना है कि वे मामले की पहले प्राथमिक जांच करेंगे.

हालांकि राष्ट्रीय महिला आयोग ने साधना सिंह को नोटिस भेजकर उनसे इस मामले को लेकर जवाब तलब किया है.

मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने भी भाजपा विधायक के बयान की निंदा करते हुए कहा कि अगर ये बयान उनकी पार्टी के किसी व्यक्ति ने दिया होता, तो इस पर कड़ी कार्रवाई करते. अठावले ने आगे कहा, ‘हमारी पार्टी एनडीए में है और भाजपा का समर्थन करती है, लेकिन इस बयान का हम समर्थन नहीं करते हैं. मायावती हमारे समाज की एक मजबूत महिला और एक कुशल प्रशासक हैं. उनके खिलाफ कोई भी बयान निंदनीय है.’

साधना ने अपने भाषण में कहा था, ‘हमको तो उत्तर प्रदेश की एक पूर्व मुख्यमंत्री न महिला में लगती हैं न जेंट्स में लगती हैं. इनको तो अपना सम्मान ही समझ नहीं आता. जिस महिला का इतना बड़ा चीरहरण हुआ, एक चीरहरण हुआ द्रौपदी का जिसनें कौरवों से प्रतिशोध लेने का संकल्प किया. उन्होंने ये संकल्प लिया कि जब तक दुशासन के कंधों का लहू नहीं मिलता, तब हम अपने बाल को बांधेंगे नहीं. वो महिला एक स्वाभिमानी महिला थी.’

भाजपा विधायक आगे कहती हैं, ‘आज की महिला की सब कुछ लुट गया फिर भी कुर्सी पाने के लिए अपने सम्मान को बेच दिया. ऐसी महिला मायावती जी का हम इस कार्यक्रम से तिरस्कार करते हैं. ये महिला नारी जात पर कलंक है. जिस महिला की आबरू लूटते हुए भाजपा के नेताओं ने बचाया और अब वही महिला सुख सुविधा के लिए अपने अपमान को पी लिया.’

चंदौली के भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वेश कुशवाहा ने कहा, ‘किसी को राजनीति में कुछ सीमाएं पार नहीं करनी चाहिए. विचारों पर लड़ाई हो सकती है लेकिन किसी को भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर उन्होंने माफी मांगी है तो मैं इसका स्वागत करता हूं.’

बबुरी पुलिस थाना प्रभारी राजबहादुर सिंह ने कहा है, ‘हम बसपा की शिकायत पर तब एफआईआर दर्ज करेंगे, जब मामले की जांच हो जाएगी. अभी तो मुझे ये समझ नहीं आ रहा है कि इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में विवादित क्या है?’