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सहारनपुर हिंसा: भाजपा सांसद, विधायकों व पदाधिकारियों समेत 400 पर केस दर्ज

सहारनपुर के सड़क दूधली गांव में गुरुवार को प्रतिबंध के बावजूद निकाली गई आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान हुई थी हिंसा.

बवाल के बाद उपद्रियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

बवाल के बाद उपद्रियों को नियंत्रित करने की कोशिश करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान गुरुवार को हुई हिंसा को लेकर भाजपा सांसद, विधायक और कई पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है. दोनों समुदायों के कुछ लोगों को नामज़द करते हुए क़रीब 400 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

सहारनपुर ज़िले के गांव सड़क दूधली में गुरुवार को आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में शोभायात्रा के दौरान जमकर उपद्रव हुआ था, जिसमें दो पक्षों में हुए टकराव में जमकर पत्थरबाज़ी, आगज़नी, फायरिंग व लूटपाट हुई थी. पुलिस के मुताबिक, इस उपद्रव में स्थानीय सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत कई भाजपा नेताओं की संलिप्तता है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार के मुताबिक, इस शोभायात्रा की इजाज़त नहीं थी लेकिन ज़बरन यात्रा निकालने का प्रयास किया गया जिस दौरान एक समूह ने पथराव शुरू कर दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ‘शुक्रवार को भाजपा सांसद राघव लखनपाल, विधायक और पार्टी के कुछ पदाधिकारियों की हिंसा में कथित संलिप्तता के चलते एफआईआर दर्ज की गई है. सांसद पर एसएसपी के घर हिंसा करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है.’

सहारनपुर के एसएसपी लव कुमार ने अख़बार को बताया, ‘हिंसा के संबंध में 24 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हुई है. 16 लोग एक गुट से हैं, और 12 लोग दूसरे गुट से. इसके अलावा 200 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. सांसद राघव लखनपाल के अलावा विधायक बृजेश और भाजपा ज़िलाध्यक्ष अमित गगनेजा के ख़िलाफ़ भी केस दर्ज हुआ है. पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है.’

अमर उजाला अख़बार में छपी ख़बर के मुताबिक, ‘एसएसपी आवास पर सीसीटीवी कैमरे तोड़ने, तोड़फोड़ व आगजनी के मामले में सांसद राघव लखनपाल, देवबंद विधायक बृजेश सिंह, गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी, रामपुर मनिहारन विधायक देवेंद्र निम, पूर्व विधायक महावीर राणा, ज़िलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, अमित गगनेजा सहित 200 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.’

अख़बार के मुताबिक, ‘दोनों समुदायों के कुछ लोगों को नामज़द करते हुए क़रीब 400 लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कराई गई है.’ हिंसा के बाद से गांव में स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि, तनाव बना हुआ है.