राजनीति

न्यूनतम आय के बाद राहुल गांधी की घोषणा, सत्ता में आए तो पास होगा महिला आरक्षण विधेयक

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीते सोमवार को कहा था कि सत्ता में आने के बाद वह देश के ग़रीबों को न्यूनतन आय की गारंटी देंगे.

Raipur: Congress President Rahul Gandhi addresses a convention of farmers, at Rajyotsav Mela ground in Naya Raipur, Monday, Jan 28, 2019. (PTI Photo) (PTI1_28_2019_000141B)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

कोच्चि: ग़रीबों को न्यूनतम आय की गारंटी का वादा करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वे संसद में लंबित महिला आरक्षण विधेयक पास कराएंगे.

मंगलवार को केरल के कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘हम महिलाओं को नेतृत्व के स्तर पर देखना चाहते हैं. मैं जानता हूं कि केरल की महिला नेता इस मामले में बहुत योग्य हैं, इसलिए 2019 का चुनाव जीतने के बाद हम संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाएंगे.’

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि हर चुनावों में अधिक से अधिक युवा और महिलाएं भाग लें. हमें ज़्यादा से ज़्यादा महिला उम्मीदवारों की ज़रूरत है.’

बता दें कि इस महिला आरक्षण विधेयक में लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का प्रावधान है. यह विधेयक लंबे समय से संसद में पास नहीं हो सका है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी एक एक बाद एक झूठ बोलकर पांच साल का समय बर्बाद कर दिया. उन्होंने युवाओं को दो करोड़ रोज़गार देने का वादा किया था.’

राहुल गांधी ने कहा, ‘उन्होंने (प्रधानमंत्री) अपने 15 दोस्तों को अधिकतम आय की गारंटी दी. अगर आप अनिल अंबानी हैं तो अपनी आय ज़्यादा से ज़्यादा कर सकते हैं. हम सभी भारतीयों को न्यूनतम आय की गारंटी देने जा रहे हैं.’

बीती 28 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सत्ता में आने पर गरीबों के लिए ‘न्यूनतम आय गारंटी योजना’ शुरू किए जाने की घोषणा की थी.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुए कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने घोषणा की कि वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर देश के सभी गरीब व्यक्तियों को न्यूनतम आमदनी की गारंटी दी जाएगी.

उन्होंने कहा था, ‘मैं जो कहता हूं वह करके दिखाता हूं. फिर चाहे किसानों की क़र्ज़माफ़ी हो या अधिग्रहीत ज़मीन लौटाने का मामला. कांग्रेस ने मनरेगा में 100 दिन का रोज़गार दिया. सूचना का अधिकार दिया. अब हम ऐसा क़दम उठाने जा रहे हैं, जो दुनिया में किसी सरकार ने नहीं उठाया.’