भारत

Live बजट 2019: पांच लाख रुपये तक की आय पर नहीं देना होगा टैक्स

कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने चुनावी साल में लोकलुभावना अंतरिम बजट पेश किया. मध्य वर्ग को आयकर में दी गई बड़ी राहत के तहत निवेश करने पर 6.5 लाख रुपये तक की आय पर छूट का लाभ उठाया जा सकता है.

New Delhi: Finance Minister Piyush Goyal with MoS Finance ministers Shiv Pratap Shukla and P Radhakrishnan leaves the North Block to present the interim Budget 2019-20 at Parliament, in New Delhi, Friday, 1 Feb, 2019. (PTI Photo/ Arun Sharma)(PTI2_1_2019_000011B)

बजट पेश करने जाते पीयूष गोयल (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने पहले से चली आ रही परंपराओं का पालन करते हुए आज 1 फरवरी को अरुण जेटली की अनुपस्थिति में कार्यकारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया.

  • वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने आयकर छूट की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है. वहीं, निवेश करके 6.5 लाख रुपये तक की आय पर छूट का लाभ लिया जा सकता है. गोयल ने दावा किया कि करीब तीन करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलेगा.

  • 40 हजार रुपये तक की ब्याज पर नहीं देना होगा कोई टीडीएस.
  • रक्षा बजट को बढ़ाकर तीन लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा.

  • मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की घोषणा

  • वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय गोकुल योजना शुरू करने का किया ऐलान, इसके लिए 750 करोड़ रुपये दिए जाएंगे
  • आपदा प्रभावित लोगों को ब्याज में 5 फीसदी की छूट की घोषणा
  • ग्रैच्यूटी भुगतान सीमा 10 लाख से 20 लाख करने की घोषणा
  • ईपीएफओ की बीमा राशि 6 लाख रुपये हुई. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की मौत पर 6 लाख रुपये का मुआवजा की घोषणा
  • घुमंतू समुदाय की पहचान करेगा नीति आयोग पहचान का काम करेगी. उनके लिए कल्याण बोर्ड बनाया जाएगा.
  • 60 साल की उम्र के बाद तीन हजार रुपये का पेंशन, 15 हजार सैलरी वाले मजदूरों के लिए पेंशन, 100 रुपये माह के अंशदान पर बोनस की घोषणा

  • अगले पांच साल में 1 लाख डिजिटल गांव बनाने की घोषणा

 

  • वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक मदद के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की. इसके तहत 2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष की सहायता राशि दी जाएगी.  यह पैसा सीधे उनके खाते में तीन बार में जमा हो जाएगा. यह पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा पोषित होगा. इसेस 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ होगा. यह कार्यक्रम 1 दिसंबर 2018 से लागू किया जाएगा. पहली किश्त की सूची बनाकर उनके खातों में भेज दी जाएगी. इस कार्यक्रम का खर्चा 75 हजार करोड़ रुपये सरकार भरेगी.

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद अंतरिम बजट 2019 की प्रस्तुति से पहले केंद्र सरकार का विरोध करने के लिए काले कपड़े पहने हुए हैं. वे आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंतरिम बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘वे लोकसभा चुनावों पर नजर रखते हुए बजट में लोकलुभावन योजनाओं को पेश करने की कोशिश करेंगे. बजट जो अब तक पेश किए गए हैं वे वास्तव में आम जनता को लाभान्वित नहीं कर पाई हैं. आज केवल ‘जुमला’ सामने आएगा. उनके पास योजनाओं को लागू करने करने के लिए 4 महीने हैं’

2019 के अंतरिम बजट पर केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा, ‘पिछले पांच बजट किसानों को समर्पित किए गए हैं, सरकार का छठा बजट भी किसानों के लिए होगा और यह उन्हें सशक्त बनाएगा.

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, ‘जिस तरह से सरकार ने रेलवे में निवेश बढ़ाया है, सीसीटीवी कैमरे लगाने से लेकर वाईफाई तक, मुझे विश्वास है कि रेलवे में आगे निवेश निश्चित रूप से बढ़ेगा

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि सुबह से ही सरकार के सूत्र बजट के प्वाइंटर मीडिया हाउसों को भेज रहे हैं. अब अगर यही प्वाइंटर वित्तमंत्री के बजट भाषण में सुनाई देते हैं, तो यह लीक कहलाएगा. यह गोपनीयता के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है.

बजट सत्र 2019 के दौरान नई सरकार के सत्ता संभालने तक चार माह के खर्च के लिए लेखानुदान को ही मंजूरी दी जाएगी. आम चुनाव के बाद मई में चुनकर आने वाली नई सरकार ही जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी और उससे पहले आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया जाएगा. दरअसल, सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कर दिया है कि ये अंतरिम बजट ही होगा. इससे पहले ऐसी ख़बरें थीं कि सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी, जिसे लेकर विपक्षी दल हमलावर थे.