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सरकारी विभागों के विरुद्ध साल 2018 में मिलीं करीब 15.7 लाख जन शिकायतें

राज्यसभा में गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि इन शिकायतों में से 14.98 लाख शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है तथा 8.4 लाख शिकायतें लंबित हैं.

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो: पीटीआई)

राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि पिछले साल केन्द्र के विभिन्न विभागों के विरूद्ध करीब 15.7 लाख जन शिकायतें प्राप्त की गई.

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्यमंत्री सिंह ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

सिंह ने कहा कि इन शिकायतों में से 14.98 लाख शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है तथा 8.4 लाख शिकायतें लंबित हैं. उन्होंने बताया कि 2017 में 18.66 लाख जन शिकायतें प्राप्त हुई थीं जिसमें से 17.7 लाख का निस्तारण कर दिया गया.

वर्ष 2017 में 14.83 लाख ऐसी शिकायतें केन्द्रीयकृत जन शिकायत सुनवाई एवं निगरानी तंत्र (सीपीजीआरएएमएस) के माध्यम से प्राप्त की गयी. इनमें से 12.62 लाख का समाधान कर दिया गया.

सिंह ने कहा कि भारत सरकार संबंधित विभागों और प्रशासनिक सुधार एवं जन शिकायत विभाग में निस्तारित एवं लंबित, दोनों तरह की शिकायतों के लिए नियमित समीक्षा बैठक की जाती हैं.

पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार ने बताया था कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में करीब 24 हजार आरटीआई द्वितीय अपील और शिकायतें लंबित हैं.

लोकसभा में डॉक्टर बंसीलाल महतो के एक प्रश्न के लिखित जवाब में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था, ‘सीआईसी ने सूचित किया है 26 जुलाई, 2018 तक उसके पास 23,978 द्वितीय अपीलें/ शिकायतें लंबित हैं.’

वहीं, जितेंद्र सिंह ने 27 दिसंबर 2017 को लोकसभा में बताया था कि अभी तक छह ऐसी अपीलें लंबित हैं जिन्हें साल 2012 में दायर किया गया था. यह सबसे ज्यादा समय तक लंबित रहने वाले मामले हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)