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केंद्र का आदेश, ममता के धरने में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई करे राज्य सरकार

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने में शामिल हुए पांच आईपीएस अधिकारियों के मेडल वापस ले सकता है केंद्रीय गृह मंत्रालय.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को उन पांच आईपीएस अधिकारी पर कार्रवाई करने को कहा है, जो सीबीआई के ख़िलाफ़ ममता के धरने में शामिल हुए थे.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय उन पांचों आईपीएस अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का विचार कर रहा है. मंत्रालय अधिकारियों का मेडल वापस लेने के अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति भी रोकने पर विचार कर रहा है.

शारदा चिट फंड मामले की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर छापा मारने के सीबीआई अधिकारियों के हालिया प्रयास के खिलाफ बनर्जी तीन दिन धरने पर बैठी थीं. धरना ख़त्म होने के दो दिनों के बाद केंद्र ने यह कदम उठाया है.

गृह मंत्रालय ने इस संबध में मुख्य सचिव मलय कुमार डी को पत्र लिखा है. मंत्रालय ने बनर्जी की सुरक्षा के पूर्व प्रभारी डीजीपी वीरेंद्र कुमार, सुरक्षा प्रमुख विनीत गोयल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) अनुज शर्मा, बिधाननगर के कमिश्नर ज्ञानवंत सिंह और कोलकाता के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सुप्रतीम सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के अलावा ये पांच आईपीएस अधिकारी ममता के धरने में शामिल थे और मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान उनकी प्रशंसा भी की थी.

हालांकि, जब उन आईपीएस अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने बात करने से इंकार करते हुए कहा कि यह मामला केंद्र और राज्य सरकार के बीच का है.

गृह मंत्रालय आईपीएस का कैडर नियंत्रित करने वाला प्राधिकरण है. अपने पत्र में मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को ‘अखिल भारतीय सेवा नियमों’ के कथित उल्लंघन के लिए आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कई अन्य कार्रवाईयों पर भी विचार किया जा रहा है. इनमें उन पदकों को वापस लेना भी शामिल है जिनसे उन्हें मेधावी सेवा आदि के लिए सम्मानित किया गया था. इसके साथ ही केंद्र सरकार उन अधिकारियों के नामों को पैनल सूची से भी बाहर कर सकता है और केंद्र सरकार में सेवा करने से एक निश्चित अवधि के लिए रोक लगा सकता है.

गृह मंत्रालय के अनुसार, वे सभी राज्यों को एक अधिसूचना जारी करने का निर्देश देंगे कि कोई भी सुरक्षा अधिकारी किसी भी धरने या प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा और अखिल भारतीय सेवा नियमों का पालन करेगा.