कैंपस

एएमयू: 14 छात्रों के ख़िलाफ़ राजद्रोह मामले में पुलिस को नहीं मिला कोई सबूत

भाजपा युवा मोर्चा के मुकेश लोधी की शिकायत के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 14 छात्रों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोप है कि कैंपस में भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थक में नारे लगाए गए थे.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय. (फोटो साभार: ट्विटर/@SyedAzhars)

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय. (फोटो साभार: ट्विटर/@SyedAzhars)

लखनऊ: अलीगढ़ पुलिस ने गुरुवार को कहा कि बीते मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कैंपस में विरोध प्रदर्शन के बाद 14 छात्रों के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह मामले को कोई भी प्राथमिक सबूत नहीं मिला है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, एएमयू प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में बुधवार देर रात आठ छात्रों को निलंबित कर दिया था. प्रदर्शन के दौरान कुछ वाहनों में तोड़-फोड़ की गई थी. कैंपस में एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की यात्रा को लेकर एक छात्रों का गुट प्रदर्शन कर रहा था.

भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुकेश लोधी की शिकायत के बाद छात्रों पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कैंपस में मंगलवार को भारत विरोधी नारेबाजी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए थे.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने कहा कि एएमयू सर्कल में रिपोर्ट की गई घटना पर अब तक जुटाए सभी सबूतों के अनुसार ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसके लिए राजद्रोह का मामला दर्ज़ किया जा सके.

उन्होंने आगे कहा, ‘पुलिस वीडियो सहित अन्य सबूत इकट्ठा कर रही है. अगर पुलिस राजद्रोह के आरोपों को साबित करने में कुछ भी पाने में नाकाम रही, तो राजद्रोह की धारा को हटा दिया जाएगा.’

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने छात्रों के खिलाफ राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप की निंदा की और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को इस बारे में लिखा है. पत्र में कोविंद को इस मामले का संज्ञान लेने और एक मजबूत संदेश भेजने के लिए कहा कि राजद्रोह के आरोपों को पूरी तरह से जांच के बाद ही लगाया जाना चाहिए.

एएमयू छात्र संघ ने भी कोविंद को पत्र लिखा है. कोविंद को लिखे पत्र में कहा गया है, ‘एएमयू पर दक्षिणपंथी ताकतों और मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा झूठे आरोप लगाने के इरादे से बार-बार हमले हो रहे हैं. राजद्रोह सहित सात गंभीर अपराधों के आरोप में चौदह छात्रों पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है. इसने एएमयू के छात्रों को आहत और नाराज कर दिया है. विश्वविद्यालय को महत्व का संस्थान घोषित किया गया है और इसके छात्र हमेशा देश के लिए खड़े हुए हैं. देश के प्रति हमारी निष्ठा पर बार-बार सवाल उठाना न केवल छात्रों के लिए बल्कि संविधान का भी अपमान है.’

एएमयू छात्रों के एक अन्य गुट का नेतृत्व करने वाले अजय सिंह ने एएमयू प्रशासन को परिसर में हिंसा के लिए जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है और ऐसा नहीं करने पर उन्होंने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.