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पुलवामा आतंकी हमला: जम्मू शहर में कर्फ्यू, दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद

एहतियात के तौर पर श्रीनगर में डेटा स्पीड को घटाकर 2जी स्तर का कर दिया गया. गुरुवार को पुलवामा ज़िले में हुए फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के तकरीबन 40 जवान शहीद हो गए थे.

Lathepora: Security personnel carry out the rescue and relief works at the site of suicide bomb attack at Lathepora Awantipora in Pulwama district of south Kashmir, Thursday, February 14, 2019. At least 30 CRPF jawans were killed and dozens other injured when a CRPF convoy was attacked. (PTI Photo/S Irfan) (PTI2_14_2019_000167B)

जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले का अवंतिपुरा, जहां बीते 14 फरवरी को सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमला हुआ. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू/श्रीनगर: कश्मीर घाटी में पुलवामा ज़िले में हुए भीषण आतंकी हमले पर व्यापक प्रदर्शनों और हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बाद एहतियाती कदम के तौर पर जम्मू शहर में शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया.

गुरुवार को हुए इस फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए.

अधिकारियों ने बताया कि सेना ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में प्रशासन की मदद करने का अनुरोध किया और फ्लैग मार्च किया.

अधिकारियों ने बताया कि सांप्रदायिक हिंसा की आशंका के चलते कर्फ्यू लगाया गया है. लाउडस्पीकरों पर कर्फ्यू लागू होने की घोषणा होने के बाद भी प्रदर्शनकारी लौटे नहीं, खासतौर से पुराने शहर में.

जम्मू के पुलिस उपायुक्त रमेश कुमार ने बताया, ‘हमने एहतियाती क़दम के तौर पर जम्मू शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया है.’

अधिकारियों के अनुसार, जम्मू शहर पूरी तरह बंद है और सड़कों पर कोई वाहन नहीं है. सभी दुकानें और बाज़ार बंद हैं.

जम्मू शहर में ज्यूल चौक, पुरानी मंडी, रेहारी, शक्तिनगर, पक्का डंगा, जानीपुर, गांधीनगर और बक्शीनगर समेत दर्जनों स्थानों पर लोगों ने पाकिस्तान के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए.

कुछ खबरों के मुताबिक, गुज्जर नगर इलाके में झड़पें हुईं और पथराव के कारण कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए. हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी झड़प होने से रोक दी.

ख़बरों के अनुसार, पाकिस्तान विरोधी, आतंकवादी विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों पर टायर फूंके. प्रदर्शनकारियों ने बदले की मांग करते हुए सड़कों को अवरुद्ध कर दिया. बजरंग दल, शिवसेना और डोगरा फ्रंट के नेतृत्व में लोगों ने शहर में कैंडल मार्च निकाला और पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन किए.

जम्मू चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जेसीसीआई) ने बृहस्पतिवार को आतंकवादी हमले का विरोध करते हुए जम्मू में बंद का आह्वान किया था.

पुलवामा हमले का विरोध करते हुए जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय बार संघ ने उच्च न्यायालय और अधिकरणों समेत जम्मू में सभी अदालतों में काम स्थगित कर दिया.

बार संघ, जम्मू के अध्यक्ष बीएस सलाठिया ने कहा, ‘पुलवामा हमले में सीआरपीएफ जवानों की शहादत के सम्मान में और शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता एवं संवेदना जताने के लिए संघ ने कामकाज स्थगित कर दिया है.’

दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद, श्रीनगर में इंटरनेट की गति 2जी स्तर की

इस आतंकी हमले के बाद दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा गुरुवार को बंद कर दी गई जबकि श्रीनगर में डेटा स्पीड को घटाकर 2जी स्तर का कर दिया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने कहा कि क़ानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिये ऐहतियाती उपाय के तौर पर दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी गई है. उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका है कि गड़बड़ी फैलाने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.

पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ के काफिले में अपनी विस्फोटक से भरी गाड़ी टकराने वाले आत्मघाती हमलावर का एक वीडियो घाटी में सोशल मीडिया पर काफी साझा किया जा रहा है.

खुफिया अधिकारियों ने आशंका जताई कि इस वीडियो के प्रसार से राष्ट्र विरोधी तत्वों को गड़बड़ी फैलाने में मदद मिल सकती है.

शहर में इंटरनेट की स्पीड 2जी स्तर की हो जाने से वीडियो साझा करने में परेशानी होगी.

मालूम हो कि बीते 14 फरवरी को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर आतंकवादी हमला हुआ. इस काफिले में 78 वाहन और 2500 से अधिक कर्मचारी शामिल थे. इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपने काम पर वापस लौट रहे थे.

यह हमला श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर पुलवामा ज़िले के अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर घात लगाकर यह आत्मघाती हमला किया गया.

हमले में सीआरपीएफ के तकरीबन 40 जवान शहीद हो गए थे. हमले के तुरंत बाद आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इसकी ज़िम्मेदारी ली थी.

पुलिस ने इस आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद डार के तौर पर की है. उन्होंने बताया था कि अहमद 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था.