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जम्मू कश्मीर: पुलवामा में सेना के मेजर समेत चार जवान शहीद, आतंकियों से मुठभेड़ जारी

पुलवामा के पिंगलान इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की एक संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की थी. इस मुठभेड़ में एक आम नागरिक की भी मौत हो गई है.

(फोटो साभार: एएनआई)

(फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों के साथ जारी मुठभेड़ में सेना के एक मेजर सहित चार जवान शहीद हो गए हैं जबकि एक आम नागरिक की भी मौत हो गई. वहीं इस मुठभेड़ में दो जवान घायल भी हो गए हैं. सेना ने इसकी पुष्टि कर दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक, इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के बाद सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई शुरू की थी. रात करीब 12:30 बजे शुरू हुए इस मुठभेड़ में रात 2:30 बजे तक रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही.

फिलहाल इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. करीब सात घंटे तक दोनों तरफ से गोलीबारी बंद रही मगर सुबह एक बार फिर से गोलीबारी शुरू हो गई.

यह मुठभेड़ पुलवामा के पिंगलान इलाके में हुई है. पिंगलान गांव में दो से तीन आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिलने के बाद रविवार रात जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई शुरू की थी.

इलाके में आतंकियों के होने की जानकारी मिलने के बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया था और आतंकियों की तलाश शुरु कर दी थी. तभी आतंकियों ने भारतीय सेना पर फायरिंग कर दी. इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई.

शुरुआती गोलीबारी में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे जिन्हें तत्काल श्रीनगर में स्थित सेना के 92 बेस हॉस्पिटल ले जाया गया था. इनमें से चार जवान शहीद हो गए जिनमें सेना के एक मेजर भी शामिर थे.

शहीद होने वाले चारों जवानों की पहचान मेजर वीएस ढौंडियाल, हवलदार शेओ राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंह के रूप में की गई है.

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, गोलीबारी केवल शुरुआत के आधे घंटे के लिए हुई और फिर रूक गई.

वहीं, सोमवार सुबह 8:45 बजे एक बार फिर से गोलीबारी शुरू हो गई जिसमें एक आम नागरिक की मौत हो गई. स्थानीय लोगों को कहना है कि दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हो रही है.

बीते 14 फरवरी को पुलवामा ज़िले के अवंतिपुरा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के ठीक बाद यह मुठभेड़ हुई है. आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे जबकि कई अन्य घायल हो गए थे.

इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी. उसने आत्मघाती हमलावर की पहचान पुलवामा के 20 साल के कश्मीरी युवक आदिल अहमद के रूप में जारी की थी.

इस हमले पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया और पाकिस्तान से आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 200 फीसदी बढ़ा दिया.

वहीं, रविवार को गृह मंत्रालय ने पांच कश्मीरी अलगाववादी नेताओं की दी गई सुरक्षा भी वापस ले ली. इन नेताओं मेंमीरवाइज उमर फारूक के अलावा शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट शामिल हैं.