भारत

भाजपा से निलंबित कीर्ति आज़ाद कांग्रेस में शामिल, बोले- ‘घर वापसी’ हुई

कीर्ति आज़ाद ने भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मैंने 26 साल तक भाजपा की सेवा की लेकिन जबसे यह सरकार बनी, तब से उनका असली चेहरा सामने आने लगा. मैं अपने पिता की पार्टी में आया हूं, मैंने घर वापसी की है.

Kirti Azad-Twitter

कीर्ति आज़ाद (फोटोः ट्विटर)

नई दिल्लीः भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आज़ाद सोमवार को आधिकारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं.

कीर्ति आज़ाद ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ‘आज सुबह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने मुझे कांग्रेस की पूर्ण सदस्यता ग्रहण कराई. मैंने मिथिला की परंपरा में उनको मखाने की माला, पाग, चादर से सम्मानित किया.’

कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने आज़ाद का पार्टी में स्वागत करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘जिसमें थोड़ा भी स्वाभिमान है वह भाजपा में नहीं रह सकता. भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले कीर्ति आज़ाद कांग्रेस में शामिल हुए हैं.’

आज़ाद ने कहा, ‘मैंने 26 साल तक भाजपा की सेवा की लेकिन जबसे यह सरकार बनी, तबसे उनका असली चेहरा सामने आने लगा. मैं अपने पिता भगवत झा आज़ाद की पार्टी में आया हूं. मैंने घर वापसी की है.’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने देश की अखण्डता के लिए काम किया. मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि राहुल गांधी जी ने मुझे अपनाया है.’ आज़ाद ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है.

क्रिकेटर की दुनिया से राजनीति में आए कीर्ति आज़ाद को 15 फरवरी को कांग्रेस में शामिल होना था लेकिन पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने की वजह से इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था.

गौरतलब है कि कीर्ति आज़ाद ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए थे, उस समय वित्त मंत्री अरुण जेटली डीडीसीए की कमान संभाल रहे थे. पार्टी के सांसद द्वारा ही वित्त मंत्री पर इस तरह के आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा ने कीर्ति आज़ाद को निलंबित कर दिया था.

सोमवार को आज़ाद ने दावा किया, ‘पांच साल तक सिर्फ जुमले सुने हैं. डीडीसीए के कागजात मेरे पास थे. उसके भ्रष्टाचार की बात कर रहा था. लेकिन मेरी नहीं सुनी गई. उन्होंने कहा, ‘जब सब कागजात रखे तो मेरी पीठ में छुरा घोंपा गया. फिर यह समझ आ गया कि ‘न खाऊंगा न खाने दूंगा’ भी एक जुमला साबित हुआ.’

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर बिहार के दरंभगा से सांसद चुने गए कीर्ति आज़ाद की कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें पिछले काफी समय से चल रही थी. तब कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने कहा था कि कीर्ति आज़ाद को कांग्रेस में शामिल होना चाहिए.

उन्होंने कहा था, ‘उन्हें कांग्रेस में शामिल होना चाहिए. उनके पिता कांग्रेसी थे. उनकी रगों में कांग्रेस का खून दौड़ता है.’

कीर्ति आज़ाद दरभंगा से तीन बार सांसद रह चुके हैं. वह 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)