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असम में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 90 हुई

असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने कहा कि मौत का आंकड़ा हर मिनट बढ़ रहा है. अब तक लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कइयों की हालत गंभीर है.

(फोटो साभार: एएनआई)

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गुवाहाटी: असम में गुरुवार रात से अब तक गोलाघाट और जोरहाट की चाय बागानों में जहरीली शराब का सेवन करने से मरने वालों की संख्या बढ़कर लगभग 90 हो गई है और 200 से ज्यादा लोग बीमार हैं.

असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी. शर्मा ने अस्पताल में कुछ मरीजों से मिलने के बाद बताया, ‘हर दस मिनट में अलग अलग जगहों से लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं.’

बिज़नेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार, जोरहाट कॉलेज अस्पताल का दौरा करने के बाद मंत्री ने कहा, ‘मौत का आंकड़ा हर मिनट बढ़ रहा है. अब तक लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कइयों की हालत गंभीर है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए आसपास के जिलों से डॉक्टरों को बुलाया जा रहा है.’ शर्मा ने कहा कि मेडिकल एजुकेशन के निदेशक अनूप बर्मन मरीजों के इलाज की देखरेख करेंगे.

हाल ही में हुई घटना में मरने वालों की संख्या सबसे अधिक मानी जा रही है, इससे पहले 2011 में पश्चिम बंगाल में इसी तरह के एक मामले में 172 लोगों की मृत्यु हो गई थी. 

साथ ही जब दो हफ्ते से कम समय पहले ही उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब पीने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. उत्तर प्रदेश में इस मामले की एसआईटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

इसके अलावा इसी महीने की शुरुआत में कुशीनगर में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद नौ लोगों को सस्पेंड कर दिया गया था और एक कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया गया था.

असम में होने वाली इन मौतों के संदर्भ में एक अन्य सरकारी अधिकारी ने बताया कि मरने वाले लोगों में कई महिलाएं भी हैं. साथ ही इस ज़हरीली शराब पीने वालों में से कई चाय बागान श्रमिक थे जिन्हें हाल ही में उनका साप्ताहिक वेतन मिलता था.

असम का गोलाघाट गुवाहाटी से करीब 310 किमी की दूरी पर है. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता मृणाल सैकिया ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि लगभग 100 लोगों ने शराब पी ली थी.

इस बीच असम सरकार ने घोषणा किया है कि मृतक के परिजन को दो लाख और पीड़ितों को 50 हज़ार का मुआवज़ा दिया जाएगा.