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एक बार फिर दुर्घटना का शिकार हुई वंदे भारत एक्सप्रेस, ड्राइवर की स्क्रीन और खिड़कियां टूटी

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को वाराणसी-नई दिल्ली यात्रा के दौरान उड़ते हुए पत्थर से टकराने की वजह से मुख्य ड्राइवर की स्क्रीन और साइड की कुछ खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं.

New Delhi: Vande Bharat Express, India's first semi-high speed train, at New Delhi Railway Station, Friday, Feb.15, 2019. The train will run between Delhi-Varanasi. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI2_15_2019_000063B)

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बीते 15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ एक बार फिर दुर्घटना का शिकार हुई है. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को वाराणसी-नई दिल्ली यात्रा के दौरान उड़ते हुए पत्थर से टकराने की वजह से मुख्य ड्राइवर की स्क्रीन और साइड की कुछ खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं.

उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अछल्दा के पास ये घटना हुई. उसी समय दूसरी लाइन पर से डिब्रूगढ़ राजधानी ट्रेन गुजर रही थी.

सीपीआरओ ने कहा, ‘पत्थर के टुकड़े ने ड्राइवर की विंडस्क्रीन और कोच नंबर सी4, सी6, सी7, सी8, सी13 और सी12 की खिड़कियों नुकसान पहुंचाया.’ बयान में कहा गया कि ट्रेन में तकनीकी कर्मचारियों ने ट्रेन को नुकसान का आकलन किया और सावधानीपूर्वक जांच के बाद ट्रेन को चलाने के लिए फिट पाया गया.

बयान के मुताबिक, ‘इसके बाद ट्रेन अपनी सामान्य गति से अपने गंतव्य स्टेशन की ओर आगे बढ़ी. ट्रेन रात 11.05 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई.’ उत्तर रेलवे के सीपीआरओ ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त खिड़कियों पर सुरक्षा शीट्स डाल दिया था ताकि यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी भी तरह से असुविधा न हो. ट्रेन अपने निर्धारित समय पर रविवार सुबह वाराणसी के लिए रवाना हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 फरवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के एक दिन बाद ही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ट्रेन में यह गड़बड़ी दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के टुंडला जंक्शन से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर हुई.

दिल्ली से वाराणसी जाने के लिए वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का किराया 1760 रुपये है और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3310 रुपये है. जबकि, वापसी में वातानुकूलित कुर्सीयान के टिकट का किराया 1700 रुपये और एक्जीक्यूटिव श्रेणी का किराया 3260 रुपये है. दोनों किराये में खान-पान का भी शुल्क शामिल है.

यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है. शताब्दी ट्रेनों से भी बेहतर सुविधा इसमें होगी. इसका मकसद यात्रियों को बिल्कुल नया अनुभव देना है. इसमें 16 वातानुकूलित कोच होंगे जिसमें दो एक्जीक्यूटिव श्रेणी के होंगे. कुल 1128 यात्री इसमें सवार हो पाएंगे.

(समाचार एजेंसी पीटीआई की इनपुट के साथ)