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मध्य प्रदेश: जुड़वा बच्चों की हत्या, मामले में छह गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि अपराध में बाइक और कार का इस्तेमाल किया गया था. रीवा आईजी ने कहा कि बाइक की नंबर प्लेट पर ‘राम राज्य’ लिखा हुआ था और अपराध में इस्तेमाल की गई कार में भाजपा का झंडा लगा था.

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अपराध में इस्तेमाल की गई बाईक. (फोटो साभार: एएनआई)

भोपाल: मध्य प्रदेश के चित्रकूट से दो बच्चों के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इस मामले का मुख्य आरोपी चित्रकूट का रहने वाला पद्म शुक्ला है.

पुलिस ने यह भी बताया कि शुक्ला का छोटा भाई विष्णुकांत शुक्ला हिंदुत्ववादी संंगठन बजरंग दल का स्थानीय क्षेत्र संयोजक है. पद्म शुक्ला के अलावा रमकेश, पिंटा यादव, राकेश द्विवेदी, आलोक सिंह और विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है.

बच्चों की हत्या के विरोध के बीच आज यानी कि 24 फरवरी को गिरफ्तारी हुई. बता दें कि चित्रकूट में 12 फरवरी को जिले की एक स्कूल बस से अगवा किए गए दो बच्चों को रविवार सुबह 24 फरवरी को उत्तर प्रदेश के बांदा में एक नदी में मृत पाया गया था.

रीवा आईजी चंचल शेखर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा कि अपराध के पीछे के मास्टरमाइंड का छोटा भाई  विष्णुकांत शुक्ला बजरंग दल का स्थानीय क्षेत्र संयोजक है. हालांकि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है.

पुलिस ने एएनआई को दिए अपने बयान में कहा कि अपराध में बाइक और कार का इस्तेमाल किया गया था. रीवा आईजी ने कहा कि बाइक की नंबर प्लेट पर ‘राम राज्य’ लिखा हुआ था और अपराध में इस्तेमाल की गई कार में भाजपा का झंडा लगा था.

इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘मैंने पीड़ितों के पिता से बात की. घटना के पीछे की राजनीति भी उजागर होगी. जिस वाहन में वे यात्रा कर रहे थे उस पर किसका झंडा था? पुलिस वह सब उजागर कर रही है. विपक्ष डर गया है क्योंकि उनके लोग शामिल हैं.’

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक श्रेयांस और प्रियांश रावत नाम के जुड़वा भाइयों को बंदूक का डर दिखाकर चित्रकूट के नयागांव से एक स्कूल बस से अगवा किया गया था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़कों के परिवार ने पहले ही अपहरणकर्ताओं को फिरौती के रूप में 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था, लेकिन अपहरणकर्ताओं ने 1 करोड़ रुपये की मांग की थी. कथित तौर पर लड़कों को 21 फरवरी को मार दिया गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक रविवार तड़के दोनों लड़कों के शव मिलने के बाद हजारों लोग कथित तौर पर सड़कों पर उतर आए. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे.