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बालाकोट एयर स्ट्राइक: यूएन में भारत पर पर्यावरणीय आतंकवाद का मुकदमा दर्ज कराएगा पाकिस्तान

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मलिक अमीन असलम ने कहा कि बालाकोट में जो भी हुआ उसे पर्यावरणीय आतंकवाद ही कहा जाएगा. एयर स्ट्राइक की वजह से उस इलाके में दर्जनों पेड़ों को नुकसान पहुंचा है और गंभीर पर्यावरणीय क्षति हुई है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया).

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इस्लामाबाद: बालाकोट एयर स्ट्राइक में देवदार के पेड़ों को हुए नुकसान पर पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ ‘पर्यावरणीय आतंकवाद’ को लेकर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान के एक मंत्री ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.

रॉयटर्स के अनुसार, 26 फरवरी को भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट के पास एक पहाड़ी वन क्षेत्र में बमबारी की थी. इस पर भारत ने कहा था कि उसने आतंकी प्रशिक्षण शिविर को तबाह किया था. वहीं पाकिस्तान ने वहां ऐसे किसी प्रशिक्षण शिविर के होने से इनकार किया था जबकि स्थानीय लोगों ने केवल एक वृद्ध व्यक्ति के घायल होने की बात कही थी.

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मलिक अमीन असलम ने कहा, ‘भारतीय जेट विमानों ने एक फॉरेस्ट रिजर्व पर बमबारी की. अब सरकार पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन कर रही है. संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर इसे शिकायत का आधार बनाया जाएगा.’

असलम ने कहा, ‘वहां पर जो भी हुआ उसे पर्यावरणीय आतंकवाद ही कहा जाएगा. एयर स्ट्राइक की वजह से वन क्षेत्र के दर्जनों देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है. वहां पर गंभीर पर्यावरणीय क्षति हुई है.’

रॉयटर्स के अनुसार, बमबारी वाली जगह पर चार बड़े गड्ढे देखे गए. विस्फोट से देवदार के 15 पेड़ गिर गए थे. वहीं, गांववालों ने सैंकड़ों आतंकियों को मारे जाने के दावे को खारिज किया था.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 47/37 के अनुसार, ‘सैन्य ऑपरेशन के दौरान पर्यावरण का विनाश नहीं होना चाहिए. अगर किसी सैन्य कार्रवाई में पर्यावरण की तबाही होती है तो यह अतंरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.’