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वाराणसी: सीवर में उतरे दो सफाई कर्मचारियों की मौत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी कैंट इलाके में सीवर पाइपलाइन की सफाई के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के 40 फीट गहरे मेनहोल में उतरे थे सफाई कर्मचारी. शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस पर पथराव किया.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के कैंट थाना इलाके में सीवर पाइप लाइनों की सफाई के लिए टैंक के अंदर घुसे दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई. घटना पाण्डेयपुर इलाके में कालीमंदिर के पास की है.

 अमर उजाला के अनुसार, वाराणसी के शिवपुर के मिनी स्टेडियम निवासी चंदन, बिहार के मोतिहारी निवासी राजेश और उमेश सीवर लाइन की सफाई के लिए 40 फीट गहरे मेनहोल में घुसे थे.

शुक्रवार तड़के 4 बजे अचानक मेनहोल की दीवार खिसकने की वजह से तीनों मजदूर उसमें फंस गए. हालांकि, उमेश ज्यादा नीचे न होने के कारण बाहर निकल आया.

घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी डीएम गौरांग राठी व सीओ डॉ. अनिल कुमार पुलिस टीम और एनडीआरएफ फोर्स के साथ मेनहोल में फंसे सफाई कर्मियों को बचाने में जुट गए. बचाव अभियान के दौरान उन्होंने मेनहोल से मलबा और पानी निकलवाया.

कई घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोनों सफाई कर्मचारियों के शव मेनहोल से बाहर निकाले गए. यह देख मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने आक्रोशित हो कर शव को ले जा रही एंबुलेंस पर पथराव कर दिया.

हालांकि पुलिस ने किसी तरह से लोगों को समझाकर दोनों मजदूरों के शव को दीनदयाल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया.

नवभारत टाइम्स के अनुसार, सफाईकर्मी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मेनहोल में उतरे थे. सफाईकर्मियों ने बताया कि सीवर सफाई के दौरान सड़क धंसने के कारण मेनहोल में मलवे का प्रवाह इतना तेज हुआ कि उसमें चंदन व राजेश लापता हो गए.

बता दें कि, इससे पहले भी वाराणसी में सीवर लाइन में गिरने से दो मजदूरों की जान जा चुकी है. 11 नवंबर को सीवेज प्लग तोड़ने के लिए जल निगम की ओर से पर्याप्त बचाव साधनों के बिना मैनहोल में मजदूर उतार दिए गए थे.

जहरीली गैस से दोनों मजदूर अचेत हो गए और पानी के तेज बहाव में बह गए थे. जबकि एक मजदूर सत्येंद्र पासवान बाल-बाल बच गया. दिनेश पासवान (27) और उसके भतीजे विकास (18) की उस हादसे में मौत हो गई थी.

बता दें कि बीते 24 फरवरी को इलाहाबाद में चल रहे कुंभ मेले के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सफाई कर्मचारियों के पैर धोने के खिलाफ आदि धर्म समाज ‘आधस’ भारत नाम के एक संगठन ने 25 फरवरी को नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था.

प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रमुख दर्शन ‘रत्न’ रावण ने कहा था कि सफाई कर्मचारियों के पैर धोने की ज़रूरत नहीं है बल्कि उनके पैर कीचड़ से निकालने की ज़रूरत है. उसका बच्चा सफाई कर्मचारी न बने, उसके लिए प्रयास करने की ज़रूरत है.