भारत

बिहार: मोदी की रैली में व्यस्त रहे मंत्री, सीआरपीएफ जवान का शव लेने नहीं पहुंचे

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद होने वाले सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के चाचा संजय कुमार सिंह ने कहा कि पिंटू को वह सम्मान नहीं मिला जो उन्हें राज्य सरकार से मिलना चाहिए था. एनडीए का कोई भी नेता वहां मौजूद नहीं था.

रविवार को पटना में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के परिवार का एक सदस्य उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए. (फोटो: पीटीआई).

रविवार को पटना में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के परिवार का एक सदस्य उन्हें श्रद्धाजंलि देते हुए. (फोटो: पीटीआई).

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना में हुई एनडीए की रैली में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह के बलिदान का जिक्र किया. हालांकि इसके बावजूद सीआरपीएफ इंस्पेक्टर का परिवार सरकार से नाराज दिखा क्योंकि सिंह का पार्थिव शरीर लेने के लिए पटना हवाई अड्डे पर राज्य सरकार का कोई भी मंत्री नहीं मौजूद था.

सीआरपीएफ जवान को अंतिम विदाई देने के लिए पटना हवाई अड्डे पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में पटना के जिलाधिकारी और एसएसपी के साथ राज्य कांग्रेस प्रमुख मदन मोहन झा मौजूद थे.

बिहार के बेगुसराय के बागरस ध्यानचक्की के रहने वाले सिंह सीआरपीएफ के उन पांचों जवानों में शामिल थे जो कि जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे.

सिंह का शव जब पटना हवाई अड्डा पहुंचा तब सरकारी प्रोटोकॉल का पालन तो हुआ मगर सीआरपीएफ जवान को अंतिम विदाई देने के लिए कोई मंत्री मौजूद नहीं था.

सिंह के चाचा संजय कुमार सिंह ने कहा, ‘पिंटू को वह सम्मान नहीं मिला जो उन्हें राज्य सरकार से मिलना चाहिए था. एनडीए का कोई भी नेता वहां मौजूद नहीं था.’

मामले के मीडिया में सामने आने के बाद जद (यू) नेता प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट कर माफी मांगते हुए कहा, ‘इस दुख की घड़ी में हमें आपके साथ होना चाहिए था. हमारी ओर से भूल हुई, मैं उन सभी लोगों की ओर से माफी मांगता हूं.’

वहीं जद (यू) प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, ‘चूंकि प्रोटोकॉल का पूरा पालन हुआ था इसलिए हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जवान के शव को लेने के लिए किसी मंत्री को तैनात किया गया है…’

इस पूरे मामले पर भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘रैली में व्यवस्तता के कारण राजनीतिक नेता और मंत्री सीआरपीएफ जवान को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंच सके.’