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नौ मौतों के बाद केरल में किसानों की क़र्ज़ अदायगी पर 31 दिसंबर तक रोक लगी

पिछले साल अगस्त में केरल में आई बाढ़ के दौरान इडुकी और त्रिशूर ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हुए थे. पिछले दो माह में इडुकी ज़िले में आठ जबकि त्रिशूर जिले में एक किसान ने आत्महत्या कर ली.

New Delhi: Kerala CM Pinarayi Vijayan during a press conference in New Delhi on Saturday,June 23,2018.( PTI Photo/ Atul Yadav)(PTI6_23_2018_000063B)

केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन. (फोटो: पीटीआई).

तिरुवनंतपुरम: केरल में पिछले दो माह में कर्ज में डूबे कम से कम नौ किसानों की मौत के बाद मुख्यमंत्री पी. विजयन ने मंगलवार को कई राहत उपायों की घोषणा की. इनमें किसानों द्वारा लिए गए सभी तरह के कर्जों की अदायगी पर 31 दिसंबर तक रोक शामिल है.

कैबिनेट बैठक के बाद विजयन ने पत्रकारों को बताया कि वाम सरकार ने किसानों की कर्ज अदायगी पर रोक की सीमा को इस साल 31 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला लिया है. इन कर्जों में किसानों द्वारा सार्वजनिक, वाणिज्यिक और सहकारी बैंकों से लिए गए सभी प्रकार के कर्ज शामिल हैं.

सरकार के सूत्रों के अनुसार पिछले दो माह में अकेले इडुकी जिले से आठ किसानों की मौत की खबर है. वहीं आत्महत्या की एक घटना त्रिशूर जिले की है.

एनडीटीवी के अनुसार, इडुक्की जिले के जिन आठ किसानों ने आत्महत्या की उनके नाम जेम्स, संतोष, सहदेवन, जॉनी मथायी, राजू, श्रीकुमार, राजन और सुरेंद्रन थे.

26 फरवरी को 52 वर्षीय किसान जेम्स का शव जिले के आडिमाली इलाके में एक पेड़ से लटकता पाया गया था. पिछले साल अगस्त में आए बाढ़ में जेम्स की काली मिर्च की फसल बर्बाद हो गई थी.

उसके रिश्तेदारों ने बताया था कि इसके बाद बैंको से लिए कर्ज को वह नहीं चुका पाया था. कई बैंकों से लिए गए कृषि ऋण के अलावा जेम्स ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भी कर्ज लिया था.

जानकारी के अनुसार, कर्ज न चुका पाने के कारण इनमें से कुछ किसानों को बैंकों से वसूली के नोटिस आ गए थे.

वहीं, पुलिस के सूत्रों ने बताया था कि त्रिशूर जिले के माला के रहने वाले 49 वर्षीय किसान जीजो पॉल ने 1 मार्च को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी.

कैबिनेट ने राज्य कर्ज राहत आयोग द्वारा बकाया को लेकर दी जाने वाली मदद को भी बढ़ाने का फैसला लिया है. 50 हजार रुपये से अधिक के बकाया पर इसे एक लाख से बढ़ाकर दो लाख किया गया है.

एक और महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार ने योजना और कृषि विभाग से इसका मूल्यांकन करने को कहा है कि क्या वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों को भी इसके दायरे में लाया जा सकता है.

फसल नष्ट होने के कारण मुश्किल झेलने वाले किसानों के लिए तत्काल प्रभाव से 85 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने का निर्णय लिया गया. विजयन ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से 54 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.

बता दें कि पिछले साल अगस्त में केरल में आए बाढ़ के दौरान इडुक्की और त्रिशूर जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए थे जहां भारी मात्रा में तबाही हुई थी. इस दौरान पूरे राज्य में 400 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)