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रफाल मामले में प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए: राहुल

रफाल दस्तावेज़ चोरी पर कांग्रेस अध्यक्ष बोले- दो करोड़ रोजगार गायब हो गया. किसानों के बीमा का पैसा गायब हो गया. 15 लाख रुपया गायब हो गया. अब रफाल की फाइलें गायब हो गईं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses a press conference regarding Vijay Mallya's allegations, in New Delhi, Thursday, Sept 13, 2018. Gandhi accused Arun Jaitley of lying on meeting with Vijay Mallya. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9_13_2018_000071B)

राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रफाल विमान सौदे से जुड़े दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि यह स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार का मामला है और इसके लिए प्रधानमंत्री के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई होनी चाहिए.

कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया कि अगर प्रधानमंत्री मोदी पाक साफ हैं तो जांच से क्यों भाग रहे हैं?

गांधी ने कहा, ‘एक नई लाइन सामने आई है- गायब हो गया. दो करोड़ रोजगार गायब हो गया. किसानों के बीमा का पैसा गायब हो गया. 15 लाख रुपया गायब हो गया. अब रफाल की फाइलें गायब हो गईं.’

उन्होंने दावा किया, ‘कोशिश यह कि जा रही है कि किसी भी तरह से नरेंद्र मोदी का बचाव करना है. सरकार का एक ही काम है कि चौकीदार का बचाव करना है.’

गांधी ने कहा, ‘न्याय सबके लिए होना चहिए. एक तरफ आप कह रहे हैं कि कागज गायब हो गए हैं . इसका मतलब है कि ये सच्चे हैं. इन कागजों में साफ है कि प्रधानमंत्री ने समानांतर बातचीत की है. इनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए.’

उन्होंने आरोप लगाया कि रफाल की आपूर्ति समय पर नहीं हुई क्योंकि मोदी जी अनिल अंबानी को पैसा देना चाहते थे.

एक सवाल के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘आपकी सरकार है जिस पर चाहिए कार्रवाई करिए. लेकिन प्रधानमंत्री पर कार्रवाई करिए. प्रधानमंत्री ने रफाल सौदे में देरी की, अनिल अंबानी की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाले.’

उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है और इसमें आपराधिक जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि अगर प्रधानमंत्री दोषी नहीं हैं तो फिर जांच क्यों नहीं कराते? जेपीसी की जांच से क्यों भाग गए?

दरअसल, सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि रफाल विमान सौदे से संबंधित दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए हैं और याचिकाकर्ता इन दस्तावेजों के आधार पर विमानों की खरीद के खिलाफ याचिकायें रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार चाहते हैं.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने अपने दिसंबर, 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा अधिवक्ता प्रशांत भूषण की याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की.

पुनर्विचार याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शीर्ष अदालत में जब रफाल सौदे के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया तो केन्द्र ने महत्वपूर्ण तथ्यों को उससे छुपाया था.

26 फरवरी को बालाकोट में हुए भारतीय हवाई हमले में मारे गए लोगों की संख्या पर उठने वालों सवालों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘हमें दिखाइए क्या हुआ.’

उन्होंने कहा, मैं इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करूंगा लेकिन मैंने शहीद होने वाले कुछ सीआरपीएफ जवानों के परिवारों के बयान पढ़े हैं जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया है. वे कह रहे हैं कि हमें दुख हुआ इसिलए हमें दिखाइए कि क्या हुआ.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)