राजनीति

बालाकोट हमला लोकसभा चुनाव जीतने के मक़सद से ही किया गया: फ़ारूक़ अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह माना जा रहा था कि चुनाव से पहले पाकिस्तान के साथ टकराव होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे अवतार के रूप में सामने आ सकें, जिसके बिना भारत का गुज़ारा हो ही नहीं सकता.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

श्रीनगर: नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने भाजपा नीत मोदी सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने लोकसभा चुनाव जीतने के एकमात्र उद्देश्य के साथ पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले के आदेश दिए.

श्रीनगर से सांसद फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सभी मोर्चो पर विफल रही और यह पूरी तरह माना जा रहा था कि चुनाव से पहले पाकिस्तान के साथ लड़ाई या टकराव होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे अवतार के रूप में सामने आ सकें, जिसके बिना भारत का गुज़ारा हो ही नहीं सकता.

श्रीनगर में बीते सोमवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘यह सर्जिकल स्ट्राइक पूरी तरह से चुनाव के लिए, केवल चुनाव के उद्देश्य से की गई. हमने करोड़ों रुपये मूल्य का विमान गंवा दिया. शुक्र है कि भारतीय वायुसेना का पायलट जीवित बच गया और सम्मान के साथ पाकिस्तान से लौट आया.’

अब्दुल्ला ने कहा, ‘संसद में हमें पता है कि वे (भाजपा) सभी दूसरे मोर्चों पर विफल हो गए और कश्मीर में पाकिस्तान के साथ लड़ाई या टकराव होगा ताकि वह (नरेंद्र मोदी) एक तरह का अवतार बन जाए जिनके बिना भारत चल ही नहीं सकता. लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं वह या मैं रहे या ना रहे, भारत ज़िंदा रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा.’

नेकां अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा कि चुनावों में भाजपा को मदद देने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत करने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘वे (केंद्र सरकार) कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में लाए. अब कई देश भारत और पाकिस्तान को कश्मीर पर बातचीत करने के लिए राज़ी करने में शमिल हैं और वे अपने आपको इसमें शामिल रखेंगे, क्योंकि यह आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.’

राज्य में विधानसभा चुनाव में देरी के भारत के निर्वाचन आयोग के फैसले के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें जम्मू कश्मीर में केंद्र द्वारा उपद्रव की आशंका है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्होंने कोई शैतानी करने की सोची होगी इसलिए चुनाव टल गए. मुझे समझ नहीं आता कि जब हजारों लोगों ने पंचायत और नगर निगम चुनावों में भाग लिया तो उन्हें अब क्या खतरा लगता है जब बड़ी संख्या में सुरक्षाबल मौजूद हैं और वे राज्य के हर नुक्कड़ और कोने में मौजूद हैं.’

अब्दुल्ला ने कहा कि सभी दल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के पक्ष में हैं और अब जनता को समझना चाहिए कि उनका मक़सद क्या है.

उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग कह रहा है कि माहौल लोकसभा चुनाव के अनुकूल है तो विधानसभा चुनाव के लिए अनुकूल क्यों नहीं है?

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन पर विचार कर रही है, इस पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘हमने उस पर फैसला नहीं लिया है. हम देखेंगे.’

बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने दावा किया था कि वायुसेना ने पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े प्रशिक्षण शिविरों पर बम गिराकर उन्हें तबाह कर दिया, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए थे. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक के दावे पर सवाल उठाए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)