राजनीति

महाराष्ट्र में कांग्रेस से गठबंधन नहीं, वंचित बहुजन अघाड़ी अकेले चुनाव लड़ेगी: प्रकाश आंबेडकर

कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन के लिए प्रकाश आंबेडकर की पार्टी और अन्य दलों के गठबंधन वंचित बहुजन अघाड़ी ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 12 सीटों की मांग की थी, जिस पर कांग्रेस की ओर से चार सीटें देने की पेशकश की गई थी.

Nagpur: BR Ambedkar's grandson and Bharipa Bahujan Mahasangh (BBM) President Prakash Ambedkar interacts with media during a press conference, in Nagpur, Saturday, Feb 9, 2019. (PTI Photo) (PTI2_9_2019_000081B)

प्रकाश आंबेडकर (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: महाराष्ट्र के दलित नेता प्रकाश आंबेडकर ने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को करारा झटका देते हुए राज्य की सभी 48 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है.

मंगलवार को बाबासाहेब आंबेडकर के पौत्र प्रकाश ने ऐलान किया कि महाराष्ट्र में वंचित बहुजन अघाड़ी (भारिप बहुजन महासंघ, एआईएमआईएम, जेडीएस और अन्य छोटे दलों का गठबंधन) अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी.

अकोला जिले में यह घोषणा करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि भाजपा विरोधी गठबंधन में शामिल होने के लिए कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी.

भारिप बहुजन महासंघ के प्रमुख आंबेडकर ने 22 उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि 15 मार्च तक बाकी 26 उम्मीदवारों की भी घोषणा हो जाएगी. उनके इस ऐलान से राज्य में भाजपा के खिलाफ ‘महागठबंधन’ की कोशिशों को झटका लगा है.

प्रकाश आंबेडकर का कहना है कि उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस को जो फार्मूला दिया था, वो उसने अस्वीकार कर दिया.

प्रकाश आंबेडकर ने कहा, ‘कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने के लिए कई प्रस्ताव सामने आए लेकिन उसमें रोड़े आ गए. हम कांग्रेस नेतृत्व के साथ और बातचीत नहीं कर सकते.’

आंबेडकर के राज्य की सोलापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना है. साल 2014 के चुनाव में यह सीट भाजपा के शरद बांसोडे के पास चली गई थी.

गौरतलब है कि प्रकाश आंबेडकर भारिप बहुजन महासंघ के संस्थापक हैं. वे इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के साथ महाराष्ट्र में गठबंधन बनाकर पूरे राज्य में रैलियां कर चुके हैं.

वंचित बहुजन अघाड़ी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने पर 48 लोकसभा सीटों में से 12 सीटों की मांग की थी. द वायर  से बात करते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने बताया था कि वंचित बहुजन अघाड़ी को कांग्रेस 12 सीट किसी भी हालत में नहीं दे सकती.

उन्होंने कहा, ‘हमारे पास 20 सीट हैं और 12 उनको देंगे तो हम क्या करेंगे?’ निरुपम ने अघाड़ी के इरादों पर भी संदेह जताया था. उन्होंने कहा था कि अगर एआईएमआईएम और प्रकाश आंबेडकर का गठबंधन सही मायनों में भाजपा और शिवसेना जैसी पार्टियों को सत्ता से हटाना चाहता है, तो उन्हें तीसरा मोर्चा बनकर चुनाव नहीं लड़ना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘अगर ये गठबंधन तीसरा मोर्चा बनकर काम करता है, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा क्योंकि सेकुलर वोटों का विभाजन हो जाएगा. वंचित बहुजन अघाड़ी ने 23 फरवरी को दादर के शिवाजी मैदान में जो रैली की, उसमें सबसे ज़्यादा हमले कांग्रेस पर हुए. मुझे ऐसा लगता है कि इनका पूरे अभियान भाजपा को लाभ पहुंचाने का है.’

कांग्रेस की ओर से अघाड़ी को चार सीटें देने की पेशकश की गयी थी. निरुपम ने बताया कि गठबंधन को लेकर बहुत सारे प्रयास किये गए, लेकिन सीटों को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकला.

48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में 41 सीट भाजपा-शिवसेना के पास है, जबकि एनसीपी के पास चार, तो कांग्रेस के पास दो सीटें हैं. एक सीट स्वाभिमान पक्ष के राजू शेट्टी के पास है. शेट्टी 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए के हिस्सा थे, लेकिन बाद में अलग हो गए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)