दुनिया

इथियोपिया विमान दुर्घटना के बाद भारत समेत 45 देशों में बोइंग 737 विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध

बीते 10 मार्च को इथियोपियन एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद सुरक्षा के चलते बोइंग 737 विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.

बोइंग 737 विमान. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

बोइंग 737 विमान. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भारत ने इथोपियन एयरलाइंस के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर मंगलवार को बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को प्रतिबंधित कर दिया. इसके साथ ही भारत विश्व के उन 45 देशों की सूची में शामिल हो गया जिन्होंने इस तरह का कदम उठाया है.

गौरतलब है कि रविवार को हुई इस विमान दुर्घटना में 157 लोगों की मौत हो गई थी. स्पाइस जेट के पास करीब 12 ऐसे विमान हैं, जबकि जेट एयरवेज के पास ऐसे पांच विमान हैं.

नागर विमानन मंत्रालय ने एक ट्वीट कर कहा कि डीजीसीए ने बोइंग 737-मैक्स विमानों के उड़ान भरने पर फौरन प्रतिबंध लगा दिया है. ये विमान तब तक उड़ान नहीं भरेंगे, जब तक कि सुरक्षित परिचालन के लिए उपयुक्त सुधार एवं सुरक्षा उपाय नहीं कर लिए जाते.

मंत्रालय ने कहा कि हमेशा की तरह यात्रियों की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. हम यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुनियाभर के नियामकों, एयरलाइनों और विमान निर्माताओं के साथ करीबी परामर्श करना जारी रखेंगे.

गौरतलब है कि इथोपियन एयरलाइंस का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान रविवार को इथोपिया के अदीस अबाबा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चार भारतीय समेत विमान में सवार सभी 157 लोगों की मौत हो गई थी. बीते करीब पांच महीने में बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दूसरी बार हादसे का शिकार हुआ है.

पिछले साल अक्टूबर में लायन एयरलाइन का इसी सीरीज एक विमान इंडोनेशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि सचिव को निर्देंश दिए हैं कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए आकस्मिक योजना तैयार करने के लिए सभी एयरलाइंस के साथ एक आपातकालीन बैठक करें.

उन्होंने कहा, ‘यात्रियों की सुरक्षा के समझौता नहीं किया जा सकता. वहीं यात्रियों के सफर पर इसका न्यूनतम असर पड़े, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं क्योंकि उनकी सुविधा अहम है.’

इसी को देखते हुए नागरिक विमानन सचिव ने बुधवार शाम को 4 बजे दिल्ली में आपातकालीन बैठक बुलाई है.

एक बयान में स्पाइस जेट ने कहा कि हम बोइंग और डीजीसीए के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं. हम हमेशा की तरह सुरक्षा को पहले स्थान पर रखना जारी रहेंगे. हम डीजीसीए के कल के निर्देशों के अनुरूप पहले ही अतिरिक्त एहतियाती उपाय अमल में ला चुके हैं.

आपको बता दें कि यूरोपीय संघ और कई देशों ने अपने-अपने हवाई क्षेत्र में 737 मैक्स 8 के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस विमान के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश नीदरलैंड है. इसके अलावा ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने भी बोइंग 737 मैक्स 8 के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है.

तुर्की की एयरलाइन ने भी ऐलान किया है कि वह बुधवार से कुछ स्पष्टताएं आने तक इन विमानों का परिचालन नहीं करेगी. वहीं नार्वे की एयर शटल एयरलाइन, दक्षिण कोरिया की ईस्टर जेट, दक्षिण अफ्रीका की कॉमैर ने भी इन विमानों से परिचालन नहीं करने का ऐलान किया है.

सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मलयेशिया, अर्जेंटीना और ओमान ने भी बोइंग 737 मैक्स विमानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. चीन ने घरेलू एयरलाइनों को सोमवार से ही इस विमान का परिचालन रोकने का आदेश दिया था. वहीं, इंडोनेशिया ने भी ऐसा ही किया है.

दैनिक भास्कर के अनुसार, यूरोप के 28 देशों के अलावा चीन, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, ब्राजील, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, इथोपिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, ओमान, मोरक्को, मंगोलिया और दक्षिण कोरिया ने बोइंग 737 मैक्स विमानों की उड़ान पर रोक लगाई है.

विमानन उद्योग से जुड़ी वेबसाइट फ्लाइटग्लोबल के अनुसार, पूरी दुनिया में अब तक 40 फीसदी बोइंग 737 मैक्स विमान खड़े किए जा चुके हैं जिसमें सबसे अधिक 97 विमान चीन के पास हैं. इसके अलावा ऑर्डर किए गए 5011 विमानों में से इस साल जनवरी तक बोइंग ने 370 विमान डिलीवर किए थे.

घटनाक्रम पर बोइंग ने कहा, ‘कंपनी की प्राथमिकता सुरक्षा है. हमें 737 मैक्स विमानों में मौजूद सुरक्षा उपायों पर भरोसा है. दुनिया की अलग-अलग रेगुलेटरी एजेंसियों ने इसकी उड़ान जारी रखने या रोकने का फैसला किया है. हम उनका सम्मान करते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)